saike - moliyer

सारांश
मोलियर, कॉर्नेल और क्विनाल्ट द्वारा लिखित 'साइके' (Psyché) एक ट्रैजेडी-बैले है, जो प्राचीन यूनानी मिथक पर आधारित है। कहानी साइके नामक एक सुंदर राजकुमारी के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसकी सुंदरता इतनी अद्भुत है कि वह खुद देवी वीनस की ईर्ष्या का कारण बन जाती है। वीनस अपने बेटे कामदेव (अमूर) को साइके को एक राक्षसी प्राणी से प्यार करने का आदेश देती है, लेकिन कामदेव खुद साइके के प्यार में पड़ जाता है। वह साइके को एक गुप्त महल में ले जाता है और उससे वादा करता है कि वह उसे रात में मिलने आएगा, लेकिन उसे कभी भी उसका चेहरा देखने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। साइके की ईर्ष्यालु बहनें उसे उकसाती हैं कि उसका प्रेमी एक राक्षस है, जिससे वह कामदेव के चेहरे को देखने के लिए प्रेरित होती है। जब वह उसे देखती है, तो कामदेव जाग जाता है और उसे छोड़ देता है। साइके, अपने प्रेमी को फिर से पाने के लिए, वीनस द्वारा लगाए गए कई मुश्किल कार्यों से गुजरती है। अंततः, देवताओं के राजा बृहस्पति (ज्यूपिटर) हस्तक्षेप करते हैं और साइके को अमरता प्रदान करते हैं, जिससे वह और कामदेव हमेशा के लिए एक हो जाते हैं।

किताब के अनुभाग

अनुभाग 1 (अंक I)
साइके की असाधारण सुंदरता ने लोगों को देवी वीनस की पूजा छोड़कर उसकी पूजा करने के लिए प्रेरित किया है। इससे वीनस क्रोधित और ईर्ष्यालु हो जाती है। दो राजकुमार, क्लियोमेन और एजेनोर, साइके से शादी करना चाहते हैं, लेकिन साइके के माता-पिता को एक दैवज्ञ द्वारा बताया जाता है कि उनकी बेटी को एक भयानक राक्षस से शादी करनी होगी और उसे एक पहाड़ी पर बलिदान करना होगा। साइके अपनी नियति को स्वीकार करती है, जबकि उसकी बहनें, सेफिस और एग्लांटे, गुप्त रूप से ईर्ष्या करती हैं। साइके को पहाड़ी पर ले जाया जाता है।

पात्र विशेषताएँ प्रेरणाएँ
साइके अत्यंत सुंदर राजकुमारी, विनम्र, आज्ञाकारी, नियति को स्वीकार करने वाली। अपने माता-पिता और राज्य के लिए बलिदान देना, अपनी नियति को स्वीकार करना।
क्लियोमेन साइके से प्यार करने वाला राजकुमार, वीर। साइके से शादी करना।
एजेनोर साइके से प्यार करने वाला दूसरा राजकुमार, वीर। साइके से शादी करना।
सेफिस और एग्लांटे साइके की बहनें, सुंदर लेकिन साइके जितनी नहीं, ईर्ष्यालु, धूर्त। साइके की सुंदरता से ईर्ष्या, उसकी दुखद नियति पर दिखावटी सहानुभूति।

अनुभाग 2 (अंक II)
पहाड़ी पर, साइके को पश्चिमी हवा, जेफायर (जेफायर), द्वारा एक जादुई महल में पहुँचाया जाता है। महल में, उसे एक अदृश्य प्रेमी द्वारा रात में मिला जाता है जो उससे अनुरोध करता है कि वह कभी भी उसके चेहरे को न देखे। यह प्रेमी कामदेव (अमूर) है, जिसे वीनस ने साइके को एक राक्षस से प्यार करने के लिए मजबूर करने के लिए भेजा था, लेकिन कामदेव खुद उसके प्यार में पड़ गया। कामदेव साइके से कहता है कि वह उसे बहुत प्यार करता है, लेकिन उसे उसके गुप्त आदेश का पालन करना होगा। साइके खुश है लेकिन थोड़ी चिंतित है कि वह अपने परिवार को याद करती है।

पात्र विशेषताएँ प्रेरणाएँ
वीनस सौंदर्य और प्रेम की देवी, अभिमानी, ईर्ष्यालु, प्रतिशोधी। अपनी शक्ति और पूजा बनाए रखना, साइके की सुंदरता से ईर्ष्या और उसे दंडित करना।
कामदेव (अमूर) प्रेम का देवता, वीनस का पुत्र, शक्तिशाली लेकिन अपनी माँ के प्रति वफादार। साइके को अपनी माँ के आदेश के अनुसार एक राक्षस से प्यार करने के लिए मजबूर करना, लेकिन अंततः खुद साइके से प्यार करना और उसे बचाना।
बृहस्पति (ज्यूपिटर) देवताओं का राजा, शक्तिशाली, हस्तक्षेप करने वाला। देवताओं के बीच व्यवस्था बनाए रखना, कामदेव की मदद करना, साइके को न्याय देना।
जेफायर पश्चिमी हवा, कामदेव का सेवक। कामदेव के आदेशों का पालन करना, साइके को महल में पहुँचाना।

अनुभाग 3 (अंक III)
साइके की बहनें, सेफिस और एग्लांटे, उसे खोजने के लिए आती हैं। वे साइके की शानदार नई जीवनशैली से ईर्ष्या करती हैं। वे साइके को समझाती हैं कि उसका अदृश्य प्रेमी एक भयानक राक्षस होना चाहिए जो अंततः उसे खा जाएगा, और उसे उसे एक दीपक की रोशनी में देखना चाहिए और अगर वह एक राक्षस है तो उसे मार देना चाहिए। उनकी बातें साइके को संदेह से भर देती हैं। साइके अंततः अपने प्रेमी के चेहरे को देखने का फैसला करती है। वह रात में एक दीपक जलाती है और कामदेव के दिव्य रूप को देखकर चकित रह जाती है। दीपक से एक बूंद तेल कामदेव पर गिर जाती है, जिससे वह जाग जाता है। क्रोधित और आहत कामदेव उसे छोड़ देता है, यह घोषणा करते हुए कि विश्वासघात के बाद प्यार नहीं रह सकता।

अनुभाग 4 (अंक IV)
कामदेव के जाने के बाद, साइके अकेली और निराश रह जाती है। वीनस, यह जानकर कि कामदेव साइके से प्यार करता है और साइके ने उसके आदेश का उल्लंघन किया है, साइके को दंडित करने का फैसला करती है। वह साइके पर कई असंभव कार्य थोपती है, जैसे कि बीज के एक ढेर को छाँटना, सुनहरी ऊन वाले भेड़ों से ऊन प्राप्त करना, मृत्यु की नदी से पानी लाना, और पाताल लोक से पर्सेफनी से एक सौंदर्य मरहम प्राप्त करना। इन कार्यों में साइके की मदद देवताओं द्वारा की जाती है, जैसे चींटियाँ, ईगल, और एक बात करने वाली नरकट।

अनुभाग 5 (अंक V)
साइके सफलतापूर्वक सभी कार्यों को पूरा करती है। पाताल लोक से लौटते समय, वह सौंदर्य मरहम के बॉक्स को खोलने के लिए उत्सुक हो जाती है और उसे खोल देती है, जिससे वह गहरी नींद में गिर जाती है। कामदेव, जो इस दौरान अपनी चोट से ठीक हो गया था और अभी भी साइके से प्यार करता था, उसे ढूंढता है और उसे जागृत करता है। वह बृहस्पति के पास जाता है और साइके से शादी करने की अनुमति मांगता है। बृहस्पति देवताओं की एक परिषद बुलाते हैं। वीनस अभी भी विरोध करती है, लेकिन बृहस्पति घोषणा करते हैं कि साइके को देवताओं के बीच उठाया जाएगा और अमरता दी जाएगी। साइके अमर बन जाती है और कामदेव से शादी करती है, जिससे वीनस और सभी देवता प्रसन्न होते हैं।

साहित्यिक विधा
'साइके' एक "ट्रैजेडी-बैले" है। यह एक नाटक है जिसमें दुखद तत्व होते हैं, लेकिन नृत्य और संगीत के साथ-साथ एक सुखी अंत होता है। यह एक "मशीन प्ले" भी था, जिसमें मंच पर जटिल यांत्रिक प्रभावों का उपयोग किया गया था ताकि देवताओं और उड़ने वाले पात्रों को दर्शाया जा सके।

लेखक के बारे में
'साइके' मोलियर, पियरे कॉर्नेल और फिलिप क्विनाल्ट के सहयोग का परिणाम था। मोलियर (जीन-बैप्टिस्ट पोक्वेल, 1622-1673) एक फ्रांसीसी नाटककार, रंगमंच निर्देशक और अभिनेता थे, जिन्हें फ्रांसीसी कॉमेडी के महान गुरुओं में से एक माना जाता है। उनके प्रसिद्ध कार्यों में 'द मिजर', 'टार्टुफे', 'द इमेजिनरी इनवैलिड' और 'द मिसंथ्रोप' शामिल हैं। पियरे कॉर्नेल (1606-1684) फ्रांसीसी त्रासदी के एक प्रमुख व्यक्ति थे, और फिलिप क्विनाल्ट (1635-1688) एक ओपेरा लिब्रेटिस्ट थे। इस नाटक में जीन-बैप्टिस्ट लुली द्वारा संगीत और पियरे ब्यूचैम्प द्वारा कोरियोग्राफी शामिल थी।

नैतिक शिक्षा
'साइके' की मुख्य नैतिक शिक्षा यह है कि सच्चा प्यार विश्वास, धैर्य और कठिनाइयों को दूर करने की इच्छा से चिह्नित होता है। यह दिखाता है कि ईर्ष्या और संदेह प्यार को नष्ट कर सकते हैं, लेकिन दृढ़ता और पवित्रता अंततः खुशी की ओर ले जाती है। यह भी दिखाता है कि देवताओं का भाग्य, चाहे कितना भी कठिन क्यों न हो, एक उच्च शक्ति द्वारा नियंत्रित किया जा सकता है और अंततः न्याय की जीत होती है।

दिलचस्प बातें

  • शाही आदेश: यह नाटक किंग लुई XIV के आदेश पर लिखा गया था और 1671 में लेस ट्युलरीज़ पैलेस के सले डेस मशीन में पहली बार प्रदर्शित किया गया था। राजा खुद को ग्रीक और रोमन देवताओं के साथ जोड़ना पसंद करते थे, और इस प्रकार के शानदार प्रदर्शन उनके शासन की महिमा को दर्शाते थे।
  • सहयोग: यह मोलियर, कॉर्नेल और क्विनाल्ट जैसे समय के कुछ सबसे बड़े लेखकों के बीच एक दुर्लभ सहयोग था। मोलियर ने गद्य संवाद और कुछ पद्य दृश्यों का योगदान दिया, कॉर्नेल ने मुख्य रूप से त्रासदी के पद्य भागों पर काम किया, और क्विनाल्ट ने बैले के लिए कविताएँ लिखीं।
  • मशीनरी: इस नाटक को अपने शानदार मंच प्रभावों के लिए जाना जाता था, जिसमें उड़ने वाले देवता, मंच पर बदलते बादल और अन्य यांत्रिक चमत्कार शामिल थे। यह तकनीकी नवाचार का एक शिखर था और मंच पर यथार्थवाद के लिए शुरुआती प्रयासों में से एक था।
  • उत्पत्ति: कहानी एपुलियस के 'द गोल्डन एस' या 'मेटामॉर्फोसिस' में पाए गए शास्त्रीय मिथक "कामदेव और साइके" पर आधारित है।