लेस अमांट्स मैग्निफिक्स - मोलियर
सारांश 'लेज़ अमां मैग्नफिक' (महान प्रेमी) मोलियर का एक कॉमेडी-बैले है, जिसे पहली बार 1670 में प्रस्तुत किया गया था। इसकी कहानी प्रिंसेस इरि...
सारांश
'लेज़ अमां मैग्नफिक' (महान प्रेमी) मोलियर का एक कॉमेडी-बैले है, जिसे पहली बार 1670 में प्रस्तुत किया गया था। इसकी कहानी प्रिंसेस इरिफाइल के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने माता-पिता, एरिस्टियोन और इफिक्रेट द्वारा दो प्रतिष्ठित राजकुमारों - इरास्ते और सोस्ट्रेट में से एक से शादी करने के लिए दबाव डाला जा रहा है। हालांकि, इरिफाइल उनमें से किसी से भी प्यार नहीं करती है और एक रहस्यमय तीसरे व्यक्ति, क्लिटिडास के प्रति आकर्षित है, जो वास्तव में सोस्ट्रेट ही है, जिसने भेस बदल रखा है। माता-पिता अपनी बेटी के लिए सबसे अच्छा मैच चुनने के लिए विभिन्न उत्सवों, बैले और दार्शनिकों की सलाह का आयोजन करते हैं। सोस्ट्रेट, अपने प्रतिद्वंद्वी इरास्ते से आगे निकलने के लिए, एक विस्तृत योजना बनाता है जिसमें एक काल्पनिक समुद्री राक्षस का हमला शामिल है। वह क्लिटिडास के रूप में इरिफाइल को "बचाता" है, जिससे उसके माता-पिता उसे अपने नायक से शादी करने की अनुमति देने के लिए मजबूर हो जाते हैं, यह मानते हुए कि नियति ने उसे चुना है। यह नाटक प्रेम, धोखे और सामाजिक दबाव के विषयों की पड़ताल करता है, जबकि मोलियर के विशिष्ट हास्य और तत्कालीन न्यायालय के भव्य मनोरंजन को भी प्रदर्शित करता है।
किताब के अनुभाग
अनुभाग 1: एक्ट I
नाटक रोड्स द्वीप पर शुरू होता है, जहां प्रिंसेस इरिफाइल और उसकी माँ एरिस्टियोन, पिता इफिक्रेट के साथ डेल्फी के खेल का आनंद ले रहे हैं। इफिक्रेट और एरिस्टियोन चाहते हैं कि इरिफाइल शादी करे, और दो प्रमुख राजकुमार, इरास्ते और सोस्ट्रेट, उसके हाथ के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। माता-पिता ने अपनी बेटी को निर्णय लेने की स्वतंत्रता देने का फैसला किया है, लेकिन केवल इन दो विकल्पों में से। इरास्ते अपने जन्म और धन पर निर्भर करता है, जबकि सोस्ट्रेट, एक जनरल, अपनी बहादुरी और योग्यता पर जोर देता है। दोनों राजकुमार अपनी योग्यता साबित करने के लिए विभिन्न उत्सवों का आयोजन करते हैं। हालांकि, इरिफाइल किसी में भी रुचि नहीं रखती है और अपनी विश्वासपात्रा क्लिओनिस को बताती है कि वह गुप्त रूप से एक अज्ञात व्यक्ति से प्यार करती है जिसे वह क्लिटिडास के नाम से जानती है। इस बीच, सोस्ट्रेट को इरिफाइल की भावनाओं का पता चलता है और वह खुद को क्लिटिडास के रूप में भेस में प्रस्तुत करने का अवसर देखता है। नाटक भव्य बैले और दार्शनिकों के हास्यपूर्ण परामर्श के साथ शुरू होता है जो भविष्य की भविष्यवाणी करने की कोशिश करते हैं।
| पात्र | विशेषताएँ | प्रेरणाएँ |
|---|---|---|
| इरिफाइल | प्रिंसेस; सुंदर, विवेकपूर्ण, आदर्शवादी, अपने सच्चे प्यार की तलाश में। | अपने माता-पिता की अपेक्षाओं को पूरा करते हुए अपने दिल का पालन करना; एक ऐसे व्यक्ति से शादी करना जिससे वह वास्तव में प्यार करती है, न कि केवल सामाजिक या राजनीतिक कारणों से। |
| एरिस्टियोन | इरिफाइल की माँ; व्यावहारिक, सम्माननीय, अपनी बेटी के लिए सबसे अच्छा मैच चाहती है। | अपनी बेटी के लिए एक सम्मानित और समृद्ध पति सुनिश्चित करना; सामाजिक व्यवस्था और परंपराओं को बनाए रखना। |
| इफिक्रेट | इरिफाइल का पिता, एलिस का राजकुमार; सम्मानित, थोड़ा अड़ियल, सम्मान और प्रतिष्ठा के प्रति सचेत। | अपनी बेटी के लिए एक योग्य और शक्तिशाली पति का चयन करना जो उसके परिवार की प्रतिष्ठा बढ़ाएगा; डेल्फी के खेलों के माध्यम से भव्यता और शक्ति का प्रदर्शन करना। |
| इरास्ते | इथाका का राजकुमार; अमीर, सुंदर, आत्मविश्वासी, अपनी स्थिति और जन्म पर गर्व है। | इरिफाइल से शादी करके अपनी शक्ति और प्रतिष्ठा बढ़ाना; अपने प्रतिद्वंद्वियों को हराना। |
| सोस्ट्रेट | सेना का जनरल; बहादुर, चतुर, संसाधनपूर्ण, इरिफाइल से प्यार करता है। | इरिफाइल का हाथ जीतना; अपने प्रतिद्वंद्वियों को मात देना; सामाजिक बाधाओं को दूर करना। |
| क्लिटिडास | एक रहस्यमय व्यक्ति जिससे इरिफाइल प्यार करती है; वास्तव में भेस में सोस्ट्रेट है। | इरिफाइल का दिल जीतना; उसे माता-पिता की अनुमति के साथ अपनी पत्नी बनाना। |
| क्लिओनिस | इरिफाइल की विश्वासपात्रा; वफादार, समझदार, इरिफाइल के रहस्यों को जानती है। | अपनी मालकिन का समर्थन करना और उसकी मदद करना। |
| फिलिबर्ट | एक दार्शनिक/ज्योतिषी; आडंबरपूर्ण, हास्यपूर्ण, भविष्य की भविष्यवाणी करने का दावा करता है। | अपनी बुद्धि और ज्ञान का प्रदर्शन करना; दरबारियों को प्रभावित करना। |
| अनाक्सार्क | एक और दार्शनिक/ज्योतिषी; फिलिबर्ट के समान, अक्सर उससे असहमत रहता है। | फिलिबर्ट के साथ प्रतिस्पर्धा करना; अपनी विद्वत्ता को साबित करना। |
अनुभाग 2: एक्ट II
इरास्ते और सोस्ट्रेट अपनी प्रशंसा के लिए विभिन्न बैले प्रदर्शन करना जारी रखते हैं। दार्शनिक फिलिबर्ट और अनाक्सार्क भी भविष्य और सितारों की व्याख्या पर बहस करना जारी रखते हैं, जो हास्यपूर्ण राहत प्रदान करते हैं। एरिस्टियोन और इफिक्रेट अभी भी तय नहीं कर पा रहे हैं कि उनकी बेटी के लिए सबसे अच्छा दूल्हा कौन है। वे सितारों और भविष्यवाणियों पर बहुत अधिक भरोसा करने लगते हैं। इस बीच, सोस्ट्रेट, क्लिओनिस की मदद से, इरिफाइल से क्लिटिडास के रूप में गुप्त रूप से मिलने की व्यवस्था करता है। वह इरिफाइल के सामने अपनी पहचान का खुलासा किए बिना, उसे अपना प्यार व्यक्त करता है और उसे विश्वास दिलाता है कि वह उसके लिए कुछ भी करेगा। यह गुप्त मुठभेड़ इरिफाइल के लिए आशा और सोस्ट्रेट के लिए एक मौका प्रदान करती है। इरास्ते अपनी शादी को सुरक्षित करने के लिए अपनी प्रतिष्ठा और धन पर अधिक भरोसा करता है, लेकिन सोस्ट्रेट एक अधिक सक्रिय और चालाक दृष्टिकोण अपनाता है।
अनुभाग 3: एक्ट III
माता-पिता अभी भी दुविधा में हैं, और दार्शनिकों की सलाह केवल भ्रम को बढ़ाती है। इफिक्रेट और एरिस्टियोन, अपने स्वयं के निर्णय पर भरोसा करने के बजाय, भाग्य और संकेतों में अधिक विश्वास करने लगते हैं। सोस्ट्रेट, अपनी योजना को आगे बढ़ाते हुए, अब क्लिटिडास के रूप में इरिफाइल का विश्वास पूरी तरह से जीत चुका है। वह जानता है कि उसे माता-पिता की सहमति भी जीतनी होगी। वह इरास्ते को परेशान करने और उसे कम सक्षम दिखाने के लिए छोटी-छोटी चालें चलता है, लेकिन उसकी मुख्य योजना अभी भी सामने आनी बाकी है। इस एक्ट में बैले और गायन जारी रहते हैं, जो नाटक में एक शानदार तत्व जोड़ते हैं और कथानक को आगे बढ़ाने में मदद करते हैं, अक्सर प्रतीकात्मक रूप से आगामी घटनाओं का पूर्वावलोकन करते हैं।
अनुभाग 4: एक्ट IV
सोस्ट्रेट अपनी भव्य योजना को क्रियान्वित करना शुरू करता है। वह अपने सैनिकों और कुछ ग्रामीणों को शामिल करते हुए एक विस्तृत धोखे का मंचन करता है। वह एक काल्पनिक विशाल समुद्री राक्षस के हमले की खबर फैलाता है जो तटीय क्षेत्र को आतंकित कर रहा है। यह खबर पूरे दरबार में दहशत पैदा करती है। इरिफाइल और उसके माता-पिता घबरा जाते हैं। सोस्ट्रेट, अभी भी क्लिटिडास के रूप में भेस में, बहादुरी से आगे बढ़ता है और राक्षस का सामना करने की पेशकश करता है। नाटक के इस भाग में तनाव और उत्तेजना बढ़ती है, क्योंकि सभी को लगता है कि वे एक वास्तविक खतरे का सामना कर रहे हैं। सोस्ट्रेट इस खतरे को अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करने का इरादा रखता है, खुद को इरिफाइल और उसके परिवार के उद्धारकर्ता के रूप में प्रस्तुत करता है।
अनुभाग 5: एक्ट V
सोस्ट्रेट, क्लिटिडास के रूप में, काल्पनिक राक्षस से "लड़ता" है और उसे "हराता" है। वह वापस आता है, नायक के रूप में जयकार करता है, और दावा करता है कि उसने इरिफाइल को आसन्न खतरे से बचाया है। इफिक्रेट और एरिस्टियोन, इस बहादुर कार्य से गहराई से प्रभावित और आभारी, अब आश्वस्त हैं कि क्लिटिडास ही इरिफाइल के लिए नियति द्वारा चुना गया है। वे उसे अपनी बेटी से शादी करने की अनुमति देते हैं। इस बिंदु पर, सोस्ट्रेट अपनी असली पहचान का खुलासा करता है, जिससे इरिफाइल को राहत मिलती है कि उसका क्लिटिडास वास्तव में वह आदमी है जिसे उसके माता-पिता ने भी अनुमोदित किया है। इरास्ते को हार माननी पड़ती है। नाटक खुशी से समाप्त होता है, जिसमें सोस्ट्रेट (अब आधिकारिक तौर पर) इरिफाइल से शादी करता है, और बैले और उत्सव के साथ।
शैली:
कॉमेडी-बैले (Comédie-ballet)
लेखक के बारे में:
जीन-बैप्टिस्ट पोक्वेलिन, जिसे मोलियर (Molière) के नाम से जाना जाता है, 17वीं शताब्दी के सबसे महान फ्रांसीसी नाटककारों और अभिनेताओं में से एक थे। उनका जन्म 1622 में पेरिस में हुआ था और उनका निधन 1673 में हुआ। वह अपनी सामाजिक व्यंग्य, चरित्र चित्रण और अपनी कॉमेडी में यथार्थवाद के लिए जाने जाते हैं। उनकी कुछ सबसे प्रसिद्ध कृतियों में 'द मिसन्थ्रोप', 'टार्टुफे', 'द इमेजिनरी इनवेलिड' और 'द बूर्जुआ जेंटलमैन' शामिल हैं। मोलियर ने फ्रांसीसी कॉमेडी के विकास पर गहरा प्रभाव डाला और आज भी उनकी कृतियों का मंचन और अध्ययन किया जाता है। वह एक अभिनेता, निर्देशक और नाटककार थे, और उनकी मंडली ने राजा लुई XIV के दरबार में प्रदर्शन किया, जिन्होंने अक्सर उनके कार्यों को कमीशन किया था।
नैतिक शिक्षा:
'लेज़ अमां मैग्नफिक' की मुख्य नैतिक शिक्षा यह है कि सच्चा प्यार और चतुराई अक्सर सामाजिक अपेक्षाओं और सतही दिखावे पर विजय प्राप्त कर सकती है। यह नाटक यह भी दर्शाता है कि माता-पिता की इच्छाएं, जब वे सच्चे प्रेम के मार्ग में बाधा डालती हैं, तो उन्हें चालाकी से दूर किया जा सकता है। यह बाहरी दिखावे और भव्यता पर अत्यधिक भरोसा करने के बजाय अंतर्निहित योग्यता और बुद्धिमत्ता के महत्व पर भी प्रकाश डालता है। नाटक यह भी संकेत देता है कि भाग्य और दार्शनिकों की भविष्यवाणियों पर अंधविश्वास अक्सर हास्यास्पद हो सकता है और मानव की बुद्धिमत्ता और सरलता को कम करके आंकता है।
जिज्ञासाएँ:
- शाही कमीशन: 'लेज़ अमां मैग्नफिक' विशेष रूप से राजा लुई XIV के लिए बनाया गया था, जो भव्य कोर्ट मनोरंजन के शौकीन थे। यह एक कॉमेडी-बैले था, जो नाटक, संगीत और नृत्य को एक साथ मिलाता था, जो उस समय फ्रांसीसी अदालत में बहुत लोकप्रिय था।
- उत्पत्ति का स्थान: इस नाटक का प्रीमियर 1670 में सेंट-जर्मेन-एन-ले (Saint-Germain-en-Laye) के शाही महल में हुआ था, जो लुई XIV के पसंदीदा निवासों में से एक था।
- प्रदर्शनी का उद्देश्य: नाटक का उद्देश्य न केवल मनोरंजन करना था, बल्कि लुई XIV के दरबार में कुछ वास्तविक राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों को भी प्रतिबिंबित करना था, जहाँ विवाह अक्सर गठबंधन और शक्ति के खेल होते थे।
- मोलियर का योगदान: मोलियर ने न केवल नाटक लिखा, बल्कि इसमें खुद फिलिबर्ट, हास्यपूर्ण दार्शनिक की भूमिका भी निभाई।
- कलात्मक सहयोग: नाटक में संगीत जीन-बैप्टिस्ट लुली (Jean-Baptiste Lully) द्वारा रचा गया था और कोरियोग्राफी पियरे ब्यूचैम्प (Pierre Beauchamp) द्वारा की गई थी, जो उस समय के प्रमुख कलाकार थे। यह मोलियर, लुली और ब्यूचैम्प के कई सफल सहयोगों में से एक था।
- कम प्रसिद्ध: मोलियर के अन्य कार्यों की तुलना में, 'लेज़ अमां मैग्नफिक' आज कम बार मंचित किया जाता है और कम प्रसिद्ध है, शायद इसके भव्य बैले तत्वों के कारण जिन्हें फिर से बनाना मुश्किल है और इसकी कुछ परिस्थितिजन्य कॉमेडी जो विशेष रूप से 17वीं सदी के दरबार के लिए बनाई गई थी।
