simbelin - wiliyam sheksapiyar

सारांश

'सिंबेलिन' विलियम शेक्सपियर का एक दुखद-हास्य नाटक है जो प्राचीन ब्रिटेन में सेट है। कहानी राजा सिंबेलिन की बेटी इमोजेन के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने पिता की इच्छा के विरुद्ध एक नेक अनाथ पोस्टुमस लियोनेटस से गुप्त रूप से शादी करती है। क्रोधित सिंबेलिन पोस्टुमस को निर्वासित कर देता है। रोम में, पोस्टुमस को इयाचिमोनो नामक एक धूर्त इतालवी रईस द्वारा धोखा दिया जाता है, जो उसे इमोजेन की बेवफाई का झूठा विश्वास दिलाता है। बदले की भावना से, पोस्टुमस अपने वफादार सेवक पिसानियो को इमोजेन को मारने का आदेश देता है।

पिसानियो इमोजेन को बचाता है और उसे एक लड़के, फिडेल, के रूप में भेष बदलकर भागने में मदद करता है। जंगल में भटकते हुए, इमोजेन अपने लंबे समय से खोए हुए भाइयों, गाइडेरियस और अरविरागस से मिलती है, जिन्हें बचपन में अपहृत कर लिया गया था और एक निर्वासित रईस बेलारियस ने पाला था। ब्रिटेन और रोम के बीच युद्ध छिड़ जाता है। युद्ध के दौरान, पोस्टुमस, भेस में, बहादुरी से लड़ता है। नाटक में कई गलत पहचानें, स्वीकारोक्तियाँ और खुलासे होते हैं, जिसके परिणामस्वरूप शाही परिवार का पुनर्मिलन होता है, रानी और क्लोटन की साजिशों का पर्दाफाश होता है, और पोस्टुमस और इमोजेन के बीच सुलह होती है। अंततः, सच्चाई सामने आती है, और ब्रिटेन रोम के साथ शांति स्थापित करता है।

किताब के अनुभाग

अनुभाग 1: प्रेम और निर्वासन

नाटक की शुरुआत ब्रिटेन के राजा सिंबेलिन के दरबार में होती है, जहाँ दर्शक यह जानते हैं कि राजा अपनी बेटी, राजकुमारी इमोजेन, के अपने सौतेले भाई, क्लोटन, के बजाय एक नेक लेकिन गरीब अनाथ पोस्टुमस लियोनेटस से गुपचुप शादी करने के फैसले से बेहद नाराज है। सिंबेलिन पोस्टुमस को निर्वासित कर देता है, जिससे इमोजेन और पोस्टुमस दोनों को गहरा दुख होता है। रानी, जो सिंबेलिन की दूसरी पत्नी और क्लोटन की माँ है, बाहर से इमोजेन और पोस्टुमस के प्रति सहानुभूति दिखाती है, लेकिन वास्तव में वह कपटी और महत्वाकांक्षी है। वह चाहती है कि क्लोटन इमोजेन से शादी करे ताकि उसके बेटे को सिंहासन मिल सके।

पात्र विशेषताएँ प्रेरणाएँ
सिंबेलिन ब्रिटेन का राजा; अपनी बेटी के चुनाव से नाराज, जिद्दी, जल्दी गुस्सा होने वाला, अपनी दूसरी पत्नी से प्रभावित। अपनी शाही प्रतिष्ठा और बेटी के लिए एक "बेहतर" मैच बनाए रखना चाहता है।
इमोजेन सिंबेलिन की बेटी; सुंदर, वफादार, बुद्धिमान, दृढ़ निश्चयी। पोस्टुमस से सच्चा प्यार करती है, अपने दिल की सुनती है।
पोस्टुमस लियोनेटस एक नेक अनाथ, सिंबेलिन द्वारा पाला गया; बहादुर, ईमानदार, लेकिन ईर्ष्यालु और जल्दबाज। इमोजेन से प्यार करता है, सम्मान और अपनी प्रतिष्ठा बनाए रखना चाहता है।
रानी सिंबेलिन की दूसरी पत्नी; धूर्त, महत्वाकांक्षी, कपटी, जहरीली। अपने बेटे क्लोटन को सत्ता में लाना चाहती है, खुद भी अधिक शक्ति प्राप्त करना चाहती है।
क्लोटन रानी का बेटा; अभिमानी, मूर्ख, क्रूर, कामुक। इमोजेन से शादी करके राजा बनना चाहता है, अपनी माँ की योजना में एक मोहरा।
पिसानियो पोस्टुमस का वफादार सेवक; ईमानदार, दयालु, समझदार। अपने स्वामी और इमोजेन दोनों के प्रति वफादार।

अनुभाग 2: विश्वासघात और धोखे का जाल

पोस्टुमस को इटली के रोम में निर्वासन में रहना पड़ता है, जहाँ वह अपने अन्य निर्वाचित साथियों के साथ समय बिताता है। एक डिनर पार्टी में, वह इयाचिमोनो नामक एक इतालवी रईस से मिलता है। इयाचिमोनो, जो महिलाओं की वफादारी में विश्वास नहीं करता, पोस्टुमस के साथ एक शर्त लगाता है: वह शर्त लगाता है कि वह इमोजेन को बहका सकता है और पोस्टुमस को उसकी बेवफाई का "सबूत" ला सकता है। पोस्टुमस, अपनी पत्नी की ईमानदारी पर पूरी तरह से विश्वास रखते हुए, इस शर्त को स्वीकार कर लेता है।

इयाचिमोनो ब्रिटेन की यात्रा करता है और इमोजेन से मिलता है, उसे पोस्टुमस के प्यार को झूठा बताकर बहकाने की कोशिश करता है। जब इमोजेन उसे ठुकरा देती है, तो इयाचिमोनो एक योजना बनाता है। वह इमोजेन को बताता है कि उसने उसके आभूषणों को सुरक्षित रखने के लिए एक संदूक में रख दिया है। रात में, वह संदूक से बाहर निकलता है और सोई हुई इमोजेन के कमरे में प्रवेश करता है। वह उसके कमरे की बारीकियाँ, जैसे कि दीवार पर चित्र और उसके शरीर पर एक तिल, को याद करता है। वह उसके ब्रेसलेट को भी चुरा लेता है, जिसे पोस्टुमस ने उसे दिया था। इन सभी को वह इमोजेन की बेवफाई के "सबूत" के रूप में उपयोग करने की योजना बनाता है।

पात्र विशेषताएँ प्रेरणाएँ
इयाचिमोनो एक इतालवी रईस; धूर्त, जोड़ तोड़ करने वाला, विश्वासघाती। पोस्टुमस के विश्वास को तोड़कर उसे नीचा दिखाना चाहता है, अपनी धूर्तता और चालबाजी का प्रदर्शन करना चाहता है।

अनुभाग 3: हत्या का आदेश और छद्म वेश

इयाचिमोनो रोम लौटता है और पोस्टुमस को अपने झूठे "सबूत" प्रस्तुत करता है। इमोजेन के कमरे की बारीकियाँ और चोरी किया हुआ ब्रेसलेट देखकर, पोस्टुमस को विश्वास हो जाता है कि उसकी पत्नी बेवफा है। वह क्रोध और ईर्ष्या से भर जाता है, और अपने वफादार सेवक पिसानियो को एक पत्र भेजता है, जिसमें उसे इमोजेन को वेल्स के दूरदराज के इलाके में ले जाने और उसे मारने का आदेश देता है।

पिसानियो, हालांकि अपने स्वामी के प्रति वफादार है, इमोजेन से बहुत प्यार करता है और उसे मारने में असमर्थ है। वह इमोजेन को वेल्स ले जाता है और उसे पोस्टुमस के दुर्भावनापूर्ण आदेश के बारे में बताता है। वह इमोजेन को एक लड़के, फिडेल, के रूप में भेष बदलने और रोम के सेनापति लुसियस के सेवक के रूप में काम खोजने की सलाह देता है, जो ब्रिटेन पर आक्रमण करने के लिए आ रहा है। वह इमोजेन को एक औषधीय औषधि भी देता है, जिसे रानी ने उसे यह कहकर दिया था कि यह एक दवा है, लेकिन वास्तव में यह एक तेज़ नींद लाने वाली औषधि थी। इमोजेन, अपने पति के विश्वासघात से दिल टूटकर और पिसानियो की सलाह मानकर, पुरुष वेश में वेल्स के जंगल में निकल पड़ती है।

अनुभाग 4: जंगल में मुलाकातें और युद्ध की तैयारी

पुरुष वेश में इमोजेन (अब फिडेल) वेल्स के एक जंगली हिस्से में भटक जाती है, जहाँ वह एक गुफा में रहने वाले तीन पुरुषों से मिलती है: बेलारियस, जो मॉर्गन नाम से रहता है, और उसके दो "बेटे", गाइडेरियस (पोलिडोर) और अरविरागस (कैडवाल)। बेलारियस वास्तव में सिंबेलिन का एक निर्वासित लॉर्ड है, जिसे गलत तरीके से देशद्रोह का दोषी ठहराया गया था। उसने सिंबेलिन के दो छोटे बेटों, गाइडेरियस और अरविरागस को बचपन में अगवा कर लिया था और उन्हें अपने बेटों के रूप में पाला था, क्योंकि वह राजा से अपने अपमान का बदला लेना चाहता था। इमोजेन को, जो बीमार और थकी हुई है, इन तीनों पुरुषों से गर्मजोशी मिलती है।

इस बीच, रानी का बेटा क्लोटन, जो अभी भी इमोजेन को चाहता है, उसे वेल्स तक पीछा करता है, पोस्टुमस के कपड़ों में। वह पोस्टुमस के कपड़े पहनता है ताकि इमोजेन को लगे कि वह पोस्टुमस है। जंगल में, उसका सामना गाइडेरियस से होता है, जिसे क्लोटन के अभिमानी और अपमानजनक व्यवहार से गुस्सा आता है। एक लड़ाई होती है, और गाइडेरियस क्लोटन का सिर काट देता है। इमोजेन, जो अभी भी बीमार है, पिसानियो द्वारा दी गई औषधि पी लेती है, यह सोचकर कि यह उसे ठीक कर देगी। इसके बजाय, यह उसे एक अस्थायी नींद में डाल देती है, जिससे वह मृत प्रतीत होती है। गाइडेरियस और अरविरागस उसका शव पाते हैं और उसे क्लोटन के कटे हुए शरीर के साथ दफनाते हैं। ब्रिटेन पर रोम के आक्रमण की तैयारी शुरू हो जाती है, जिससे युद्ध की अनिवार्यता बढ़ जाती है।

पात्र विशेषताएँ प्रेरणाएँ
बेलारियस / मॉर्गन एक निर्वासित लॉर्ड, ईमानदार, प्रकृतिवादी, बच्चों को पालने वाला। सिंबेलिन के गुस्से के कारण निर्वासित हुआ, शाही बच्चों को सुरक्षित रखना चाहता है और उन्हें स्वतंत्रता से जीना सिखाता है।
गाइडेरियस / पोलिडोर सिंबेलिन का बड़ा बेटा; बहादुर, मजबूत, जंगली। स्वतंत्रता और सम्मान से जीना चाहता है, अपने पिता बेलारियस और भाई के प्रति वफादार।
अरविरागस / कैडवाल सिंबेलिन का छोटा बेटा; दयालु, संवेदनशील, जंगली। स्वतंत्रता और अपने भाई के साथ रहना चाहता है, प्रकृति से जुड़ा हुआ है।

अनुभाग 5: युद्ध, रहस्योद्घाटन और सुलह

ब्रिटेन और रोम के बीच युद्ध छिड़ जाता है। पोस्टुमस, जो अपने कार्यों से पश्चाताप कर रहा है, रोमियों के लिए लड़ने के बजाय, ब्रिटिश सैनिक के रूप में भेस बदलकर अपनी मातृभूमि के लिए लड़ने का फैसला करता है। वह बहादुरी से लड़ता है, बेलारियस, गाइडेरियस और अरविरागस के साथ मिलकर ब्रिटिश सेना के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ लाता है। रोमन सेनापति लुसियस को बंदी बना लिया जाता है।

युद्ध के बाद, सभी मुख्य पात्रों को सिंबेलिन के समक्ष लाया जाता है। इमोजेन, अभी भी फिडेल के रूप में भेस में, रोमन सेनापति लुसियस के साथ आती है। एक-एक करके, सभी रहस्य सामने आते हैं। इयाचिमोनो अपनी कपटपूर्ण चाल की पूरी कहानी कबूल करता है, और पोस्टुमस को अपनी पत्नी के प्रति किए गए अन्याय का एहसास होता है। बेलारियस अपनी पहचान और सिंबेलिन के बेटों, गाइडेरियस और अरविरागस, को अगवा करने का राज खोलता है। सिंबेलिन अपने बेटों को वापस पाकर और अपनी बेटी इमोजेन को जीवित देखकर अभिभूत हो जाता है। रानी की मृत्यु हो जाती है, और अंततः यह भी पता चलता है कि उसने जहर से भरे तरल पदार्थ दिए थे, यह सोचकर कि वे दवाएं थीं।

सभी गलतफहमियाँ दूर हो जाती हैं। पोस्टुमस और इमोजेन एक-दूसरे से मिल जाते हैं और सुलह करते हैं। सिंबेलिन अपने बेटों, गाइडेरियस और अरविरागस को सिंहासन के वारिस के रूप में स्वीकार करता है। नाटक का अंत युद्ध विराम और ब्रिटेन और रोम के बीच शांति समझौते के साथ होता है, जो भविष्य के लिए आशा और सामंजस्य का प्रतीक है।


साहित्यिक शैली

'सिंबेलिन' विलियम शेक्सपियर के अंतिम नाटकों में से एक है, और इसे अक्सर रोमांस या ट्रैजिकोमेडी (दुखद-हास्य) के रूप में वर्गीकृत किया जाता है। इसमें दुखद तत्वों (जैसे विश्वासघात, निर्वासन, युद्ध) और हास्य/खुशी के तत्वों (जैसे गलत पहचान, चमत्कारिक बचाव, सुखद अंत) का मिश्रण है।

लेखक के बारे में

विलियम शेक्सपियर (William Shakespeare) (1564-1616) को अंग्रेजी भाषा का सबसे महान लेखक और दुनिया का सबसे महान नाटककार माना जाता है। उन्हें अक्सर इंग्लैंड के राष्ट्रीय कवि और "बार्ड ऑफ एवन" के रूप में जाना जाता है। उनके मौजूदा काम में लगभग 39 नाटक, 154 सॉनेट, तीन लंबी वर्णनात्मक कविताएँ और कुछ अन्य छंद शामिल हैं। उनका काम आज भी दुनिया भर में पढ़ा और प्रस्तुत किया जाता है।

नैतिकता और शिक्षाएँ

'सिंबेलिन' से कई नैतिकताएँ और शिक्षाएँ उभरकर आती हैं:

  • विश्वास और संदेह: नाटक विश्वास के महत्व और संदेह के विनाशकारी परिणामों पर प्रकाश डालता है, खासकर वैवाहिक संबंधों में। पोस्टुमस का इमोजेन पर संदेह उसके और उसके प्रियजनों के लिए बहुत दुख का कारण बनता है।
  • क्षमा और सुलह: यह कहानी अंततः क्षमा और सुलह की शक्ति का जश्न मनाती है, यह दिखाती है कि कैसे गलतियों को स्वीकार करने और माफ करने से परिवार और समाज को ठीक किया जा सकता है।
  • प्रकृति बनाम पोषण: जंगल में पले-बढ़े शाही राजकुमारों की कहानी प्रकृति बनाम पोषण के विषय को दर्शाती है, यह सवाल उठाती है कि क्या शाही रक्त स्वाभाविक रूप से महानता की ओर ले जाता है या परवरिश अधिक महत्वपूर्ण है।
  • सतहीता और वास्तविक गुण: नाटक में क्लोटन जैसे सतही और क्रूर चरित्रों को पोस्टुमस और इमोजेन जैसे सच्चे और नेक पात्रों के विपरीत दिखाया गया है, जो बाहरी दिखावे के बजाय वास्तविक गुणों के महत्व पर जोर देता है।

रोचक तथ्य

  • अंतिम नाटक: 'सिंबेलिन' को शेक्सपियर के सबसे परिपक्व और जटिल नाटकों में से एक माना जाता है, जो उनके अंतिम काल के रोमांस नाटकों में से एक है।
  • कई स्रोत: शेक्सपियर ने इस नाटक के लिए कई स्रोतों से प्रेरणा ली, जिसमें ब्रिटिश क्रोनिकल्स, बोकाचियो का डेकामेरॉन और यहां तक कि एक पुरानी स्कॉटिश गाथागीत भी शामिल है।
  • शैली का मिश्रण: 'सिंबेलिन' कई शैलियों का मिश्रण है – रोमांस, त्रासदी, हास्य और यहां तक कि फेयरीटेल के तत्व भी। यह एक अनूठा अनुभव प्रदान करता है।
  • प्रतीकात्मक नाम: इमोजेन का नाम, 'इनोसेंट' (निर्दोष) से मिलता-जुलता है, जो उसकी पवित्रता और चरित्र की शुद्धता का प्रतीक है।
  • आलोचकों की राय: इस नाटक को अतीत में कुछ आलोचकों द्वारा 'अजीब' या 'अव्यवस्थित' माना गया है, लेकिन आधुनिक विद्वान इसकी जटिलता, प्रतीकात्मकता और मानवीय भावनाओं की गहरी खोज की सराहना करते हैं।
  • "ग्रेट स्टोन" का संदर्भ: नाटक में 'सीज़र' के ब्रिटेन पर आक्रमण का उल्लेख है, जो ब्रिटिश इतिहास के साथ एक काल्पनिक संबंध स्थापित करता है।