sisiliyan ya prem chitrakar - moliyer

सारांश

मोलियर का नाटक 'ले सिसिलियन या ल'अमूर पेंट्रे' (द सिसिलियन, या लव एज़ अ पेंटर) एक संक्षिप्त और जीवंत कॉमेडी-बैले है जो सिसिली के मेसिना शहर में स्थापित है। कहानी एक बूढ़े, ईर्ष्यालु स्पेनिश कुलीन, डॉन पेद्रे के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसने अपनी खूबसूरत यूनानी गुलाम, इसिडोर को अपने घर में कैद करके रखा है, ताकि उसे बाहरी दुनिया से बचा सके। युवा फ्रांसीसी कुलीन एड्रास्ट, इसिडोर को देख लेता है और तुरंत उसके प्यार में पड़ जाता है। अपने चतुर नौकर हली की मदद से, एड्रास्ट इसिडोर तक पहुँचने और उसे डॉन पेद्रे की कैद से मुक्त कराने के लिए कई विस्तृत योजनाएँ बनाता है। इन योजनाओं में एड्रास्ट का एक चित्रकार के रूप में स्वाँग भरना, हली का तुर्की गुलाम व्यापारी का नाटक करना और अंत में एड्रास्ट का खुद को एक भागा हुआ रईस बताना शामिल है। प्रत्येक योजना डॉन पेद्रे की ईर्ष्या और सावधानी को धता बताती है, जिससे एड्रास्ट और इसिडोर एक साथ भागने में सफल हो जाते हैं, और डॉन पेद्रे मूर्ख बनकर रह जाता है।

किताब के अनुभाग

अनुभाग 1: परिचय और अड्रास्ट का आगमन

यह अनुभाग नाटक के मुख्य पात्रों और उनकी स्थिति का परिचय देता है। हम डॉन पेद्रे से मिलते हैं, एक वृद्ध स्पेनिश रईस जो इसिडोर, अपनी यूनानी दासी को अपनी मालकिन के रूप में चाहता है, लेकिन अपनी तीव्र ईर्ष्या के कारण उसे अपने घर में बंद रखता है। वह उस पर कड़ी निगरानी रखता है, उसे हर तरह के सामाजिक संपर्क से दूर रखता है। इसिडोर, जो अपनी कैद से थक चुकी है, अपने लिए स्वतंत्रता और सच्चा प्यार चाहती है। युवा फ्रांसीसी कुलीन एड्रास्ट मेसिना आता है और एक दुर्लभ क्षण में इसिडोर को देखने में सफल होता है। वह तुरंत उसके रूप और स्थिति पर मोहित हो जाता है और उसे मुक्त कराने का संकल्प लेता है। वह अपने चतुर और संसाधनपूर्ण वैलेट हली के साथ अपनी योजनाओं पर चर्चा करता है। हली अपने स्वामी के प्रेम को सफल बनाने के लिए विभिन्न जटिल चालें चलने को तैयार है।

पात्र विशेषताएँ प्रेरणाएँ
डॉन पेद्रे वृद्ध, ईर्ष्यालु, possessive, अभिमानी, भोला। इसिडोर को अपने पास रखना, उसे बाहरी दुनिया से बचाना (मुख्य रूप से अपनी ईर्ष्या से), अपनी प्रतिष्ठा बनाए रखना।
इसिडोर युवा, सुंदर, यूनानी दासी, बुद्धिमती, अपने भाग्य से असंतुष्ट। स्वतंत्रता प्राप्त करना, सच्चा प्यार खोजना, डॉन पेद्रे की कैद से बचना।
अड्रास्ट युवा, फ्रांसीसी कुलीन, रोमांटिक, साहसी, चतुर। इसिडोर का प्यार जीतना, उसे डॉन पेद्रे की कैद से मुक्त कराना।
हली एड्रास्ट का वैलेट, वफादार, बुद्धिमान, योजनाकार, भेस बदलने में माहिर। अपने स्वामी की सहायता करना, योजनाओं को सफल बनाना।
ज़ैदे इसिडोर की विश्वासपात्र/दासी। इसिडोर की मदद करना, उसके साथ अपनी स्वतंत्रता का आनंद लेना।

अनुभाग 2: चित्रकार का स्वाँग

एड्रास्ट अपनी पहली विस्तृत योजना को अंजाम देता है। वह खुद को एक प्रसिद्ध चित्रकार के रूप में प्रच्छन्न करता है। वह डॉन पेद्रे के पास पहुँचता है, यह दावा करते हुए कि उसने शहर में इसिडोर के सौंदर्य के बारे में सुना है और वह उसके चित्र को चित्रित करना चाहता है। डॉन पेद्रे, जो अपनी मालकिन के सौंदर्य पर गर्व करता है, इस प्रस्ताव से सहमत होता है, यह मानते हुए कि यह उसकी प्रतिष्ठा को बढ़ाएगा, और उसे इस बात का कोई अंदाजा नहीं है कि वह एक कपटी के साथ काम कर रहा है। चित्रकला सत्रों के दौरान, एड्रास्ट और इसिडोर को एक-दूसरे के साथ संवाद करने का अवसर मिलता है। वे गुप्त रूप से एक-दूसरे के प्रति अपने प्यार का इजहार करते हैं। इसिडोर शुरू में सतर्क रहती है, लेकिन एड्रास्ट की ईमानदारी और जुनून उसे जीत लेते हैं। वे भागने की योजना बनाना शुरू कर देते हैं, एड्रास्ट अपनी पहचान और अपने इरादों को प्रकट करता है।

अनुभाग 3: तुर्की गुलाम का नाटक

अपनी योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए, हली एक और विस्तृत चाल चलता है। वह एक तुर्की गुलाम व्यापारी के रूप में वेश बदलता है। वह डॉन पेद्रे के घर के पास एक हंगामा करता है, यह दावा करता है कि उसकी एक मूल्यवान तुर्की दासी भाग गई है और डॉन पेद्रे ने उसे अपने घर में छिपा रखा है। यह डॉन पेद्रे को अत्यधिक परेशान करता है, जो अपनी प्रतिष्ठा को लेकर चिंतित है। स्थिति को और अधिक विश्वसनीय बनाने के लिए, इसिडोर को तुर्की पोशाक में वेश बदलकर डॉन पेद्रे के घर से बाहर लाया जाता है, जैसे कि वह वास्तव में हली की "भागी हुई दासी" हो। डॉन पेद्रे को सार्वजनिक रूप से अपमानित किया जाता है और वह इसिडोर को हली को सौंपने के लिए मजबूर होता है, यह मानने के लिए प्रेरित होता है कि वह बस अपने घर से एक अवांछित उपद्रव से छुटकारा पा रहा है। इस चाल से एड्रास्ट और इसिडोर को आगे बातचीत करने और अपनी अंतिम पलायन योजना को पुख्ता करने का मौका मिलता है।

अनुभाग 4: काउंट का भेष और पलायन

एड्रास्ट अपनी अंतिम और सबसे जटिल योजना को अंजाम देता है। वह खुद को एक शक्तिशाली सीनेटर के चंगुल से भागे हुए एक रईस, एक काउंट के रूप में प्रच्छन्न करता है, जो उसे अपनी बेटी से जबरन शादी कराना चाहता है। एड्रास्ट डॉन पेद्रे से शरण माँगता है, यह तर्क देते हुए कि वे दोनों 'जबरन विवाह' के शिकार हैं (डॉन पेद्रे के मामले में, इसिडोर को अपने पास रखने की उसकी अपनी इच्छा)। डॉन पेद्रे, यह सोचकर कि वह एक साथी रईस की मदद कर रहा है और अपने घर में एक प्रतिष्ठित अतिथि की मेजबानी कर रहा है, एड्रास्ट का स्वागत करता है। इस बीच, इसिडोर भी वेश बदलती है और एड्रास्ट के साथ "भागने" का नाटक करती है, जबकि डॉन पेद्रे अभी भी यह नहीं समझ पाता कि क्या हो रहा है। वह इसिडोर को एक पुरुष के रूप में भेस बदलने में मदद करता है, यह सोचकर कि वह एड्रास्ट को "उस सीनेटर की बेटी" से भागने में मदद कर रहा है। जब डॉन पेद्रे को अंततः पता चलता है कि उसे धोखा दिया गया है, तो बहुत देर हो चुकी होती है: एड्रास्ट और इसिडोर सफलतापूर्वक एक साथ भाग चुके होते हैं, और डॉन पेद्रे अपनी ईर्ष्या और मूर्खता के कारण अकेला और बेवकूफ बनकर रह जाता है।

साहित्यिक शैली: कॉमेडी-बैले, हल्की कॉमेडी, फ़ार्स (प्रहसन)। यह नाटक नृत्य और संगीत को कथा के साथ एकीकृत करता है।

लेखक के बारे में:
मोलियर, जिसका वास्तविक नाम जीन-बैप्टिस्ट पोकेलिन था, 17वीं शताब्दी के सबसे महान फ्रांसीसी नाटककारों और अभिनेताओं में से एक थे। वह अपनी बुद्धिपूर्ण व्यंग्यात्मक कॉमेडी के लिए जाने जाते हैं, जो अक्सर मानव स्वभाव की खामियों, विशेष रूप से पाखंड, ईर्ष्या और सामाजिक दिखावे का मज़ाक उड़ाते हैं। उनके प्रसिद्ध कार्यों में 'टार्टुफ', 'द मिसंथ्रोप', 'द इमेजिनरी इनफर्म' और 'द बूर्जुआ जेंटलमैन' शामिल हैं। मोलियर ने अपनी कॉमेडी के माध्यम से अपने समय के समाज पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाला।

नैतिक शिक्षा:
यह नाटक सिखाता है कि अत्यधिक ईर्ष्या और अधिकारवादी व्यवहार अक्सर आत्मघाती होते हैं। सच्चा प्यार और बुद्धि अंततः बल या कैद पर विजय प्राप्त करते हैं। यह यह भी दर्शाता है कि कैसे चालाक और कल्पनाशील योजनाएँ सबसे दृढ़ बाधाओं को भी दूर कर सकती हैं, और कैसे मूर्खता और आत्म-धोखा किसी को आसानी से मूर्ख बना सकते हैं।

जिज्ञासु तथ्य:

  • यह नाटक 1667 में कारूसेल डे ला ग्रैंड एकुरी के लिए शाही आदेश पर बहुत तेज़ी से लिखा और मंचित किया गया था, जो राजा लुई XIV के लिए आयोजित एक भव्य उत्सव था।
  • 'ले सिसिलियन' मोलियर के उन कई कॉमेडी-बैले में से एक है, जो नाटक, संगीत और नृत्य को एक एकल मनोरंजक प्रदर्शन में जोड़ते हैं, जो 17वीं शताब्दी के फ्रांसीसी दरबार में लोकप्रिय थे।
  • यह मोलियर के कम ज्ञात कार्यों में से एक है, फिर भी यह उनकी रचनात्मकता और दर्शकों को मोहित करने के लिए हास्य और जटिल चालों का उपयोग करने की उनकी क्षमता को प्रदर्शित करता है।
  • "ल'अमूर पेंट्रे" (लव एज़ अ पेंटर) शीर्षक एड्रास्ट के एक चित्रकार के रूप में अपने भेस को संदर्भित करता है, जो उसके इसिडोर तक पहुँचने के प्रयासों में एक केंद्रीय बिंदु है।