स्कैपिन की कुचालें - मोलियर
सारांश मोलीयर का नाटक 'लेस फ़ोर्बेरीज़ दे स्केपिन' (स्केपिन की शरारतें) एक तेज़-तर्रार कॉमेडी है जिसमें दो बूढ़े पिताओं, आर्गेंटे और जेरोंट...
सारांश
मोलीयर का नाटक 'लेस फ़ोर्बेरीज़ दे स्केपिन' (स्केपिन की शरारतें) एक तेज़-तर्रार कॉमेडी है जिसमें दो बूढ़े पिताओं, आर्गेंटे और जेरोंटे, को उनके चतुर नौकर स्केपिन द्वारा लगातार मात दी जाती है। कहानी दो युवा प्रेमियों, ऑक्टेव और लियनड्रे के इर्द-गिर्द घूमती है, जिन्होंने अपने पिताओं की मर्जी के खिलाफ शादी कर ली है या शादी करने की योजना बना रहे हैं। आर्गेंटे और जेरोंटे अपने बेटों के लिए व्यवस्थित विवाह की व्यवस्था करने के इरादे से यात्रा से लौटते हैं, जिससे संकट पैदा होता है।
स्केपिन, ऑक्टेव का नौकर, अपनी बुद्धि और धूर्त योजनाओं का उपयोग करके अपने युवा मालिकों को उनके पिताओं से पैसे निकालने और उनकी प्रेमियों के साथ विवाह को सुरक्षित करने में मदद करता है। वह पिताओं पर एक के बाद एक चालें चलता है, जिसमें तुर्की गैली का प्रसिद्ध प्रकरण भी शामिल है, जहाँ वह जेरोंटे को यह विश्वास दिलाता है कि उसके बेटे को तुर्की समुद्री डाकुओं ने अपहरण कर लिया है और फिरौती की आवश्यकता है। नाटक में अंत में दो लड़कियों, हियासिंथे और ज़ेरबिनेट की सच्ची पहचान का पता चलता है, जो वास्तव में बूढ़े पिताओं की बेटियाँ हैं, जिन्हें उन्होंने लंबे समय पहले खो दिया था। इस रहस्योद्घाटन के साथ, सभी बाधाएँ दूर हो जाती हैं, और युवा प्रेमियों को शादी करने की अनुमति मिल जाती है, जिससे स्केपिन को उसकी शरारतों के लिए क्षमा मिल जाती है। यह नाटक क्लासिक फ़ार्स का एक बेहतरीन उदाहरण है, जिसमें हास्य, तीव्र गति और अंत में सब कुछ ठीक हो जाता है।
किताब के अनुभाग
अनुभाग 1: अंक एक
इस अंक में, युवा ऑक्टेव अपने नौकर सिल्वेस्ट्रे के साथ चिंता में है। उसके पिता, आर्गेंटे, और लियनड्रे के पिता, जेरोंटे, अपनी यात्रा से लौट रहे हैं। ऑक्टेव ने अपने पिता की अनुपस्थिति में हियासिंथे नामक एक गरीब लड़की से शादी कर ली है, और अब उसे डर है कि उसके पिता उसे इस शादी के लिए माफ़ नहीं करेंगे, क्योंकि आर्गेंटे की योजना जेरोंटे की बेटी से ऑक्टेव की शादी करने की है। लियनड्रे भी ज़ेरबिनेट नामक एक लड़की से प्यार करता है, जो ऑक्टेव के समान ही परिस्थितियों में है। चतुर नौकर स्केपिन प्रवेश करता है और अपनी बुद्धि और धूर्तता से उनकी मदद करने की पेशकश करता है। जब आर्गेंटे लौटता है, तो ऑक्टेव अपनी शादी को सही ठहराने की कोशिश करता है, लेकिन आर्गेंटे क्रोधित हो जाता है। हियासिंथे भी चिंतित है कि उसे अपने पति से अलग कर दिया जाएगा। स्केपिन आर्गेंटे के साथ हस्तक्षेप करने की कोशिश करता है, लेकिन आर्गेंटे अपनी योजना पर अड़ा हुआ है।
| किरदार | विशेषताएँ | प्रेरणाएँ |
|---|---|---|
| स्केपिन | ऑक्टेव का नौकर; बुद्धिमान, धूर्त, तेज-तर्रार, योजनाओं का मास्टर, थोड़ा दुष्ट। | अपने युवा मालिकों की मदद करना; बूढ़े पुरुषों को धोखा देकर मनोरंजन करना; अपनी चतुरता साबित करना। |
| ऑक्टेव | युवा प्रेमी, आर्गेंटे का बेटा; भावुक, डरपोक, अपने पिता का सामना करने से डरता है। | हियासिंथे से शादी करने और उसके साथ रहने की इच्छा; अपने पिता के क्रोध से बचना। |
| लियनड्रे | युवा प्रेमी, जेरोंटे का बेटा; भावुक, थोड़ा अधिक आत्मविश्वास वाला, लेकिन फिर भी अपने पिता से डरता है। | ज़ेरबिनेट से शादी करने और उसके साथ रहने की इच्छा; अपने पिता की अस्वीकृति से बचना। |
| आर्गेंटे | ऑक्टेव का पिता; बूढ़ा, कंजूस, कठोर, अपनी मर्जी चलाने वाला। | अपने बेटे को एक व्यवस्थित विवाह में धकेलना; अपने पैसे बचाना; अपनी इच्छा को लागू करना। |
| जेरोंटे | लियनड्रे का पिता; बूढ़ा, कंजूस, थोड़ा मूर्ख, आसानी से प्रभावित होने वाला। | अपने बेटे को एक व्यवस्थित विवाह में धकेलना; अपने पैसे बचाना; अपनी प्रतिष्ठा बनाए रखना। |
| हियासिंथे | गरीब, अच्छी और वफादार युवा महिला; ऑक्टेव से शादी की है; असल में आर्गेंटे की खोई हुई बेटी। | ऑक्टेव के साथ रहना; अपने पति से अलग होने के डर से पीड़ित। |
| ज़ेरबिनेट | युवा, जिप्सी लड़की, लियनड्रे की प्रेमिका; असल में जेरोंटे की खोई हुई बेटी; चंचल और सीधी। | लियनड्रे से शादी करना और उसके साथ रहना; जीवन का आनंद लेना। |
| सिल्वेस्ट्रे | ऑक्टेव का नौकर; डरपोक, स्केपिन द्वारा आसानी से हेरफेर किया जाता है, वफादार लेकिन अनिच्छुक सहयोगी। | अपने मालिक की मदद करना; स्केपिन की योजनाओं में शामिल होने से बचना, लेकिन हमेशा फँस जाता है। |
| नेरीने | हियासिंथे की नर्स; उसके अतीत के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी रखती है। | हियासिंथे की देखभाल करना और उसकी खुशी सुनिश्चित करना। |
अनुभाग 2: अंक दो
जेरोंटे लौटता है, और लियनड्रे चिंतित है। स्केपिन अपनी चालें चलना शुरू कर देता है। सबसे पहले, वह जेरोंटे को विश्वास दिलाता है कि ऑक्टेव को आर्गेंटे के खिलाफ एक कानूनी मामले के लिए पैसे की आवश्यकता है ताकि उसके बेटे के विवाह को रोका जा सके। यह चाल आर्गेंटे से पैसे ऐंठने के लिए है।
फिर, स्केपिन आर्गेंटे को यह विश्वास दिलाता है कि जेरोंटे एक "नरभक्षी समुद्री डाकू" की बेटी से अपने बेटे की शादी करने की धमकी दे रहा है, और इन समुद्री डाकुओं को रिश्वत देने के लिए पैसे की आवश्यकता है। वह आर्गेंटे से पैसे प्राप्त करता है, जो अपने बेटे की शादी को रोकने के लिए तैयार है।
इसी बीच, लियनड्रे को पता चलता है कि ज़ेरबिनेट को 'तुर्कों' ने अपहरण कर लिया है, और उसे फिरौती के लिए पैसे की आवश्यकता है। स्केपिन जेरोंटे पर "तुर्की गैली" घोटाला करता है। वह जेरोंटे को यह विश्वास दिलाता है कि उसके बेटे को तुर्कों ने पकड़ लिया है और उसे बचाने के लिए भारी फिरौती की आवश्यकता है। जेरोंटे प्रसिद्ध रूप से पूछता है: "यह शैतान उस गैली में क्या करने जा रहा था?" ("Que diable allait-il faire dans cette galère?") स्केपिन विभिन्न पात्रों का प्रतिरूपण करके और डराकर जेरोंटे से पैसे निकालने में सफल रहता है।
अनुभाग 3: अंक तीन
इस अंक में, स्केपिन की चालों का पता चलने लगता है। ज़ेरबिनेट, अपनी मासूमियत में, जेरोंटे को स्केपिन द्वारा की गई सभी तरकीबों के बारे में बताती है, यह जाने बिना कि वह उसका पिता है। जेरोंटे क्रोधित हो जाता है। स्केपिन, अपने ऊपर आने वाले क्रोध का अनुमान लगाते हुए, सहानुभूति प्राप्त करने के लिए गिरने वाली स्लेट से लगी चोट का नाटक करता है। बूढ़े पिता, आर्गेंटे और जेरोंटे, स्केपिन का सामना करने और उसे दंडित करने का फैसला करते हैं।
हालांकि, कहानी एक सुखद मोड़ लेती है। नेरीने, हियासिंथे की नर्स, आर्गेंटे को बताती है कि हियासिंथे उसकी लंबी खोई हुई बेटी है, जिसकी पहचान एक पर्स या पदक के माध्यम से होती है। इसी तरह, यह पता चलता है कि ज़ेरबिनेट वास्तव में जेरोंटे की बेटी है, जिसे एक जिप्सी शिविर में बड़ा किया गया था। सभी गलतफहमियाँ दूर हो जाती हैं। युवा जोड़े अब बिना किसी बाधा के शादी कर सकते हैं।
स्केपिन, अपने आखिरी "चाल" में, मरने का नाटक करता है और अपने अपराधों के लिए क्षमा मांगता है। पिता, इन रहस्योद्घाटनों और अपने बेटों के विवाह से अत्यधिक प्रसन्न होकर, उसे क्षमा कर देते हैं। स्केपिन को जश्न मनाने के लिए ले जाया जाता है, और नाटक सभी के लिए एक खुशहाल अंत के साथ समाप्त होता है, सिवाय इसके कि स्केपिन को थोड़ी देर के लिए अपने झूठ के लिए कुछ फटकार मिलती है।
साहित्यिक शैली:
'लेस फ़ोर्बेरीज़ दे स्केपिन' को एक फ़ार्स, एक कॉमेडी-बैले और एक पाँच-अंकीय कॉमेडी के रूप में वर्गीकृत किया गया है। यह "कॉमेडी ऑफ़ इन्ट्रिग्यू" शैली का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जहाँ साजिश और धोखे केंद्रीय विषय होते हैं।
लेखक के बारे में जानकारी:
मोलीयर (असली नाम: जीन-बैप्टिस्ट पोकेलिन) 15 जनवरी 1622 को पेरिस, फ्रांस में पैदा हुए थे और 17 फरवरी 1673 को उनकी मृत्यु हो गई। वह फ्रांसीसी क्लासिकिज़्म के सबसे महान नाटककारों में से एक थे और उन्हें पश्चिमी साहित्य के इतिहास में सबसे महान हास्य लेखकों में से एक माना जाता है। वह एक अभिनेता और नाट्य निर्देशक भी थे। उनके प्रसिद्ध कार्यों में 'टार्टुफ़', 'द मिज़र', 'द इमेजिनरी इनवेलिड' और 'द मिसंथ्रोप' शामिल हैं। उन्होंने अपने नाटकों में अक्सर सामाजिक पाखंड, मानव मूर्खता और चरित्रों की सनक का व्यंग्य किया।
नैतिक शिक्षा:
'लेस फ़ोर्बेरीज़ दे स्केपिन' कोई गहरी नैतिक शिक्षा नहीं देती है, बल्कि यह एक मनोरंजन प्रधान नाटक है। हालांकि, कुछ अंतर्निहित संदेश हो सकते हैं:
- धोखे की प्रभावशीलता: यह दर्शाता है कि कैसे बुद्धि और धूर्तता, विशेष रूप से सामाजिक पदानुक्रम में निचले स्तर पर रहने वाले लोगों के हाथों में, सत्ता में बैठे लोगों को आसानी से मात दे सकती है।
- युवा प्रेम की जीत: यह नाटक इस विचार को पुष्ट करता है कि सच्चा प्रेम अंततः सामाजिक और पारिवारिक बाधाओं को दूर कर लेता है।
- माता-पिता के अधिकार की मूर्खता: बूढ़े पिताओं को उनकी कठोरता, कंजूसी और दूसरों पर विश्वास करने की प्रवृत्ति के कारण हास्यास्पद और मूर्ख के रूप में चित्रित किया गया है।
उत्सुकताएँ:
- प्रेरणा: मोलीयर ने यह नाटक संभवतः पिएर्रे कॉर्नेई के 'ले मेन्ट्यूर' (झूठा) और इतालवी कोमेडिया डेल'आर्टे परंपरा से प्रेरित होकर लिखा था, जो अपने स्टॉक पात्रों और improvisational हास्य के लिए जानी जाती है।
- प्रसिद्ध पंक्ति: जेरोंटे की पंक्ति, "Que diable allait-il faire dans cette galère?" ("यह शैतान उस गैली में क्या करने जा रहा था?") एक प्रसिद्ध फ्रांसीसी मुहावरा बन गई है, जिसका उपयोग अक्सर तब किया जाता है जब कोई व्यक्ति अपनी मूर्खतापूर्ण हरकतों के कारण मुसीबत में पड़ जाता है।
- मोलीयर का आखिरी मंचन: मोलीयर ने खुद स्केपिन का किरदार नहीं निभाया, बल्कि सिल्वस्टर का किरदार निभाया, जो स्केपिन का डरपोक साथी है।
- कम प्रशंसा: मोलीयर के जीवनकाल में, इस नाटक को अक्सर उनके अन्य कार्यों की तुलना में कम महत्वपूर्ण माना जाता था, लेकिन समय के साथ इसने अपनी कॉमेडी और नाटक कला के लिए क्लासिक स्थिति हासिल कर ली है।
- फ़ार्स के तत्व: नाटक में क्लासिक फ़ार्स के कई तत्व शामिल हैं: शारीरिक हास्य (स्केपिन का बैग का दृश्य), तेज़ गति वाला संवाद, पहचान की गलतियाँ और जटिल साजिशें जो अंततः एक सुखद अंत की ओर ले जाती हैं।
