tartuffe ya pakhandi - moliyer

सारांश

मोलियर का नाटक 'टारटफ़, या ढोंगी' (Tartuffe, ou l'Imposteur) ऑर्गन नाम के एक धनी व्यक्ति के परिवार के इर्द-गिर्द घूमता है, जो टारटफ़ नामक एक धार्मिक ढोंगी के प्रति अंधभक्ति में फंसा हुआ है। टारटफ़, अपनी दिखावटी धर्मपरायणता से ऑर्गन को पूरी तरह से धोखे में रखता है, जबकि परिवार के बाकी सदस्य उसकी वास्तविक दुष्ट प्रकृति को पहचानते हैं। टारटफ़ ऑर्गन के घर में घुस जाता है, उसकी संपत्ति पर कब्जा करने की कोशिश करता है और उसकी बेटी मैरियन की शादी उससे करवाना चाहता है, जबकि मैरियन पहले से ही वलेयर से प्यार करती है। ऑर्गन टारटफ़ पर इतना अंधविश्वास करता है कि वह अपने बेटे डामिस को बेदखल कर देता है और टारटफ़ के नाम अपनी पूरी संपत्ति कर देता है। अंततः, ऑर्गन की पत्नी एलमायर टारटफ़ के वास्तविक इरादों को उजागर करने के लिए एक योजना बनाती है, और टारटफ़ के धोखे का पर्दाफाश हो जाता है जब वह एलमायर को बहकाने की कोशिश करता है, जबकि ऑर्गन छिपा हुआ सब कुछ सुन रहा होता है। हालाँकि, टारटफ़ के पास अभी भी ऑर्गन के लिए कानूनी दांवपेच हैं, लेकिन अंत में, राजा के हस्तक्षेप से टारटफ़ का आपराधिक अतीत उजागर होता है, उसे गिरफ्तार कर लिया जाता है, और ऑर्गन की संपत्ति और प्रतिष्ठा बहाल कर दी जाती है। यह नाटक पाखंड, अंधविश्वास और तर्क के महत्व पर व्यंग्य करता है।

किताब के अनुभाग

अनुभाग 1: प्रथम अंक

कहानी ऑर्गन के घर में शुरू होती है। परिवार के सदस्य, जिनमें उसकी माँ मैडम परनेल, उसकी पत्नी एलमायर, उसके बच्चे डामिस और मैरियन, उसका साला क्लियांटे और नौकरानी डोरिन शामिल हैं, सभी टारटफ़ नाम के एक व्यक्ति के बारे में बहस कर रहे हैं। ऑर्गन ने टारटफ़ को अपने घर में शरण दी है, और वह उसकी धर्मपरायणता और आध्यात्मिक मार्गदर्शन से इतना प्रभावित है कि वह उसे अपनी पूरी संपत्ति सौंपने और अपनी बेटी की शादी उससे कराने के बारे में सोचने लगा है। परिवार के सभी सदस्य टारटफ़ को एक धोखेबाज मानते हैं, लेकिन ऑर्गन और उसकी माँ मैडम परनेल उस पर पूरी तरह से विश्वास करते हैं। मैडम परनेल अपनी परिवार की आलोचना करती है और टारटफ़ की प्रशंसा करती है, जिससे परिवार के सदस्यों की परेशानी और बढ़ जाती है। क्लियांटे, जो एक तर्कवादी है, ऑर्गन को टारटफ़ की वास्तविक प्रकृति के बारे में समझाने की कोशिश करता है, लेकिन ऑर्गन उसकी बात सुनने को तैयार नहीं होता है।

"टारटफ़, या ढोंगी" (Tartuffe, ou l'Imposteur) एक क्लासिक फ्रांसीसी कॉमेडी नाटक है, जिसे मोलियर ने लिखा है। यह पाँच अंकों में अलेक्जेंड्रिन छंदों में लिखा गया है।

सारांश

यह नाटक ऑर्गन नाम के एक धनी पेरिसवासी के घर में पाखंड के प्रवेश और उसके विनाशकारी प्रभावों के बारे में है। ऑर्गन टारटफ़ नाम के एक कथित पवित्र और गरीब व्यक्ति से इतना मंत्रमुग्ध हो जाता है कि वह अपनी पूरी संपत्ति और अपने परिवार के सदस्यों को उसकी सनक के आगे झुकने को तैयार हो जाता है। टारटफ़, जो एक चालाक और धोखेबाज है, अपनी धार्मिक भक्ति की आड़ में ऑर्गन के घर में घुस जाता है, उसकी संपत्ति को हड़पने की कोशिश करता है और उसकी बेटी मैरियन से शादी करने की इच्छा रखता है, जबकि मैरियन पहले से ही वलेयर से प्यार करती है। परिवार के अन्य सदस्य, विशेष रूप से ऑर्गन की पत्नी एलमायर, उसका बेटा डामिस, उसका साला क्लियांटे और नौकरानी डोरिन, टारटफ़ के ढोंग को भांप लेते हैं और ऑर्गन को उसकी मूर्खता से जगाने की कोशिश करते हैं।

ऑर्गन टारटफ़ के प्रति अंधभक्ति में इतना डूब जाता है कि वह अपने बेटे डामिस को बेदखल कर देता है और अपनी पूरी संपत्ति टारटफ़ के नाम कर देता है। अंततः, एलमायर टारटफ़ के वास्तविक इरादों को उजागर करने के लिए एक योजना बनाती है: वह टारटफ़ को बहकावे में लेने का दिखावा करती है, जबकि ऑर्गन एक मेज के नीचे छिपा रहता है। टारटफ़, अपनी वासना से प्रेरित होकर, एलमायर को बहकाने की कोशिश करता है और अपने पाखंड का पर्दाफाश करता है। ऑर्गन को सच्चाई का एहसास होता है, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी होती है: टारटफ़ के पास ऑर्गन की संपत्ति और एक संवेदनशील राजनीतिक दस्तावेज वाले मजबूत बॉक्स दोनों पर कानूनी अधिकार होता है।

नाटक का चरमोत्कर्ष तब आता है जब टारटफ़ ऑर्गन को बेदखल करने और गिरफ्तार करने के लिए एक अधिकारी के साथ लौटता है। हालाँकि, राजा, अपनी अंतर्दृष्टि और न्याय की भावना से, टारटफ़ के आपराधिक अतीत को उजागर करता है। टारटफ़ को गिरफ्तार कर लिया जाता है, ऑर्गन को उसकी निष्ठा के लिए क्षमा कर दिया जाता है, उसकी संपत्ति बहाल कर दी जाती है, और उसकी बेटी मैरियन अपने प्यारे वलेयर से शादी करने के लिए स्वतंत्र हो जाती है। नाटक पाखंड के खतरों, अंधविश्वास की मूर्खता और तर्क और सामान्य ज्ञान के महत्व को उजागर करता है।

किताब के अनुभाग

अनुभाग 1: प्रथम अंक

कहानी ऑर्गन के घर में शुरू होती है। घर के सभी सदस्य, ऑर्गन की माँ मैडम परनेल, उसकी पत्नी एलमायर, उसके बेटे डामिस, उसकी बेटी मैरियन, उसका साला क्लियांटे और उसकी नौकरानी डोरिन, टारटफ़ नाम के एक व्यक्ति के बारे में बहस कर रहे हैं। ऑर्गन ने टारटफ़ को अपने घर में शरण दी है, जो एक कथित रूप से पवित्र और गरीब व्यक्ति है। ऑर्गन उसकी धर्मपरायणता और आध्यात्मिक मार्गदर्शन से इतना प्रभावित है कि वह उसे अपनी पूरी संपत्ति सौंपने और अपनी बेटी की शादी उससे कराने के बारे में सोचने लगा है।

मैडम परनेल घर की स्थिति और परिवार के सदस्यों के जीवन जीने के तरीके की आलोचना करती है, उन्हें तुच्छ और सांसारिक कहकर फटकारती है। वह टारटफ़ की प्रशंसा करती है, उसे एक नेक और पवित्र व्यक्ति बताती है, और परिवार के सदस्यों के विरोध को खारिज कर देती है। डोरिन, जो एक यथार्थवादी और मजाकिया नौकरानी है, खुले तौर पर टारटफ़ के ढोंग की आलोचना करती है और मैडम परनेल के तर्क को चुनौती देती है, लेकिन मैडम परनेल को किसी की बात पर विश्वास नहीं होता है।

जैसे ही मैडम परनेल घर छोड़ती है, बाकी परिवार टारटफ़ के धोखे के बारे में शिकायत करना जारी रखता है। क्लियांटे, ऑर्गन का साला, जो बुद्धिमान और तर्कसंगत है, ऑर्गन को टारटफ़ के प्रति अपनी अंधभक्ति की मूर्खता को देखने की कोशिश करता है। वह ऑर्गन को वास्तविक धर्मपरायणता और पाखंड के बीच अंतर को समझने के लिए तर्क देता है, लेकिन ऑर्गन उसकी बात सुनने को तैयार नहीं होता है। ऑर्गन आता है और टारटफ़ के बारे में अपने परिवार के नकारात्मक विचारों को खारिज कर देता है, यह दावा करता है कि टारटफ़ ने उसे "सही रास्ता" दिखाया है। वह हाल की घटनाओं के बारे में भी चिंता करता है और टारटफ़ के कल्याण के बारे में अत्यधिक चिंता दिखाता है।

ऑर्गन, परिवार के सभी विरोधों के बावजूद, अपनी बेटी मैरियन को टारटफ़ से शादी करने का प्रस्ताव देता है। मैरियन, जो वलेयर से प्यार करती है, इस प्रस्ताव से बिल्कुल निराश है। डोरिन, हमेशा की तरह, मैरियन की मदद करने की कोशिश करती है और ऑर्गन को इस मूर्खतापूर्ण शादी को रद्द करने के लिए मनाने का प्रयास करती है, लेकिन ऑर्गन दृढ़ रहता है।

एक भावुक दृश्य में, मैरियन और वलेयर के बीच गलतफहमी के कारण झगड़ा होता है। प्रत्येक को लगता है कि दूसरा उनके प्यार को त्यागने के लिए तैयार है। डोरिन हस्तक्षेप करती है, उनकी गलतफहमी को दूर करती है, और उन्हें सुलह कराती है। वह तब उन दोनों के लिए एक योजना बनाती है कि वे टारटफ़ और ऑर्गन के खिलाफ लड़ाई में कैसे सहयोग कर सकते हैं। वे तय करते हैं कि मैरियन को शादी को खींचना चाहिए, जबकि डोरिन और एलमायर ऑर्गन को सच्चाई दिखाने की कोशिश करेंगे।

अनुभाग 3: तृतीय अंक

डोरिन टारटफ़ को एलमायर से मिलने के लिए फुसलाने की कोशिश करती है, इस बहाने कि एलमायर बीमार है और टारटफ़ के "आध्यात्मिक मार्गदर्शन" की तलाश में है। टारटफ़ अंततः आता है, और उसका पाखंड तुरंत उजागर हो जाता है। वह डोरिन को अपने खुले हुए सीने को ढकने का आदेश देता है, यह दावा करते हुए कि यह उसकी पवित्रता को भंग करता है, जबकि वह खुद एलमायर को कामुक प्रस्ताव देना शुरू कर देता है। वह एलमायर से कहता है कि वह उसे प्यार करता है और उसे बहकाने की कोशिश करता है, यह दावा करते हुए कि असली धर्मपरायणता उसे अपने पापों को गुप्त रखने की अनुमति देगी।

डामिस, जो पास में छिपा हुआ था, टारटफ़ के इन शब्दों को सुन लेता है और गुस्से में बाहर निकल आता है। वह ऑर्गन को टारटफ़ के धोखे का खुलासा करने के लिए दृढ़ है। जब ऑर्गन लौटता है, तो डामिस टारटफ़ के अपराधों की शिकायत करता है। लेकिन टारटफ़, एक मास्टर मैनिपुलेटर, तुरंत नाटक करता है कि वह डामिस पर उसके गुणों के लिए अत्याचार किया जा रहा है और ऑर्गन से उसे क्षमा करने की भीख मांगता है। ऑर्गन, जो अभी भी टारटफ़ पर अंधविश्वास करता है, डामिस के आरोपों को खारिज कर देता है और उसे झूठा मानता है। वह डामिस को बेदखल कर देता है और गुस्से में घोषणा करता है कि वह अपनी पूरी संपत्ति टारटफ़ के नाम कर देगा और मैरियन की शादी उससे करवाएगा।

अनुभाग 4: चतुर्थ अंक

क्लियांटे एक बार फिर टारटफ़ से बात करने की कोशिश करता है, उसे अपने तरीकों को बदलने और ऑर्गन की संपत्ति को त्यागने के लिए मनाने का प्रयास करता है, लेकिन टारटफ़ उसके तर्कों को धार्मिक शब्दावली और पाखंडी दार्शनिकों के साथ टाल देता है। वह अपनी दिखावटी पवित्रता के पीछे छिपा रहता है और ऑर्गन की संपत्ति को अपनी "ज़रूरत" के रूप में उचित ठहराता है।

एलमायर, अब परिवार की अंतिम आशा, ऑर्गन को टारटफ़ के धोखे का प्रत्यक्ष प्रमाण देने की कोशिश करती है। वह ऑर्गन से मेज के नीचे छिपने और टारटफ़ से उसकी बातचीत सुनने के लिए कहती है। अनिच्छा से, ऑर्गन सहमत होता है। एलमायर टारटफ़ को बहकाने का दिखावा करती है, उसकी वासना को जगाती है। टारटफ़ फिर से एलमायर को बहकाने की कोशिश करता है, यह दावा करते हुए कि उसका प्यार एक "पवित्र प्रेम" है। वह ऑर्गन की मूर्खता और अंधेपन का उपहास करता है, यह मानते हुए कि वह सुरक्षित है। जब टारटफ़ एलमायर को अपनी बाहों में लेने के लिए तैयार होता है, तो ऑर्गन मेज के नीचे से निकल आता है, आखिरकार उसे सच्चाई का एहसास हो जाता है।

ऑर्गन गुस्से में टारटफ़ को घर से बाहर निकालने का आदेश देता है। लेकिन टारटफ़ ऑर्गन को याद दिलाता है कि वह अब घर का कानूनी मालिक है, क्योंकि ऑर्गन ने अपनी संपत्ति उसे दान कर दी थी। वह ऑर्गन को यह भी याद दिलाता है कि उसके पास एक संवेदनशील राजनीतिक मजबूत बॉक्स है, जिसे ऑर्गन ने टारटफ़ को सुरक्षित रखने के लिए सौंपा था, और टारटफ़ अब ऑर्गन को इस बॉक्स के साथ राजद्रोह के लिए फंसाने की धमकी देता है। परिवार भयानक खतरे में है।

अनुभाग 5: पंचम अंक

ऑर्गन, अपने कृत्यों के परिणामों से घबराया हुआ, अपनी माँ मैडम परनेल को टारटफ़ के धोखे के बारे में समझाने की कोशिश करता है, लेकिन वह अभी भी उस पर विश्वास करने से इनकार करती है, यह दावा करते हुए कि ऑर्गन टारटफ़ की पवित्रता को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है। वह अपनी पहले की आलोचनाओं पर कायम रहती है।

तभी, मॉन्सियर लॉयल नाम का एक बेलीफ आता है, जो टारटफ़ की ओर से ऑर्गन को बेदखली नोटिस देने आता है। यह परिवार के लिए एक बड़ा झटका है, क्योंकि उन्हें एहसास होता है कि वे बेघर होने वाले हैं। इसके तुरंत बाद, टारटफ़ स्वयं एक अधिकारी के साथ लौटता है, जो ऑर्गन को राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तार करने आया है, क्योंकि टारटफ़ ने राजनीतिक मजबूत बॉक्स का उपयोग करके ऑर्गन को फंसाया है।

लगता है कि सभी उम्मीदें खत्म हो गई हैं। हालाँकि, राजा, अपनी अंतर्दृष्टि और न्याय की भावना के लिए जाना जाता है, ने स्थिति को पहले ही भांप लिया था। अधिकारी राजा की ओर से घोषणा करता है कि टारटफ़ एक ज्ञात अपराधी है, जो कई धोखेबाजों और ठगों में से एक है, जिसकी राजा को पहले से ही तलाश थी। राजा ने ऑर्गन की निष्ठा को पहचान लिया था और टारटफ़ के धोखेबाज चरित्र को देख लिया था। टारटफ़ को गिरफ्तार कर लिया जाता है, और ऑर्गन को उसके देश के लिए उसकी पिछली सेवाओं के लिए क्षमा कर दिया जाता है। राजा ने ऑर्गन की संपत्ति बहाल करने का भी आदेश दिया है। परिवार में खुशी लौट आती है। नाटक का अंत मैरियन और वलेयर के विवाह की घोषणा के साथ होता है, और परिवार टारटफ़ जैसे पाखंडियों के खतरों से बचने के महत्व को सीखता है।


साहित्यिक शैली: कॉमेडी (विशेष रूप से, शिष्टाचार की व्यंग्यात्मक कॉमेडी)

लेखक के बारे में कुछ तथ्य:

  • नाम: जीन-बैप्टिस्ट पोकेलिन (Jean-Baptiste Poquelin), जिसे मोलियर के नाम से बेहतर जाना जाता है।
  • जन्म: 15 जनवरी 1622, पेरिस, फ्रांस में।
  • मृत्यु: 17 फरवरी 1673, पेरिस, फ्रांस में।
  • व्यवसाय: फ्रांसीसी नाटककार, अभिनेता और कंपनी मैनेजर, जिसे पश्चिमी साहित्य के महानतम हास्य कलाकारों में से एक माना जाता है।
  • उल्लेखनीय कार्य: 'द मिजेर' (The Misanthrope), 'द इमेजिनरी इनवेलिड' (The Imaginary Invalid), 'द स्कूल फॉर वाइव्स' (The School for Wives), और निश्चित रूप से 'टारटफ़' (Tartuffe)।
  • वह अपने समय के समाज पर तीखे व्यंग्य के लिए जाने जाते थे, अक्सर पाखंड, झूठे अभिमान और सामाजिक रूढ़ियों का मजाक उड़ाते थे।

नैतिक शिक्षा:

  • पाखंड से सावधान रहें: नाटक का मुख्य संदेश यह है कि दिखावटी धर्मपरायणता अक्सर धोखे और दुष्ट इरादों को छिपाती है। वास्तविक धार्मिकता आंतरिक होती है, दिखावटी नहीं।
  • अंधविश्वास का खतरा: ऑर्गन का टारटफ़ के प्रति अंधविश्वास उसे अपनी समझ और परिवार के कल्याण को त्यागने पर मजबूर करता है। यह सिखाता है कि किसी भी व्यक्ति या विचारधारा पर बिना सोचे-समझे विश्वास करना कितना खतरनाक हो सकता है।
  • तर्क और सामान्य ज्ञान का महत्व: क्लियांटे, डोरिन और एलमायर जैसे चरित्र तर्क, बुद्धि और सामान्य ज्ञान का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो अंततः पाखंड को उजागर करने में सफल होते हैं। नाटक तर्कसंगत सोच की शक्ति का समर्थन करता है।
  • न्याय और सच्चाई की जीत: अंत में, सच्चाई सामने आती है, और न्याय होता है, यह दर्शाता है कि झूठ और धोखे का अंततः पर्दाफाश हो जाता है।

किताब के बारे में कुछ रोचक तथ्य:

  • विवाद और प्रतिबंध: 'टारटफ़' अपने समय में अत्यंत विवादास्पद था। इसे 1664 में पहली बार प्रस्तुत किए जाने के बाद तीन साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया था क्योंकि रोमन कैथोलिक चर्च ने इसे धार्मिक पाखंडियों के मजाक के रूप में देखा था। मोलियर को इस नाटक को मंचित करने की अनुमति पाने के लिए राजा लुई चौदहवें के साथ कई बार हस्तक्षेप करना पड़ा।
  • मूल शीर्षक: नाटक का मूल शीर्षक "टारटफ़" था, लेकिन प्रतिबंधों के कारण, मोलियर को इसे "द इम्पोस्टर" (The Imposteur) के रूप में फिर से प्रस्तुत करना पड़ा, और कुछ संशोधन करने पड़े।
  • अलेक्जेंड्रिन छंद: नाटक फ्रांसीसी शास्त्रीय नाटक का विशिष्ट अलेक्जेंड्रिन छंदों में लिखा गया है, जिसमें प्रत्येक पंक्ति में 12 शब्दांश होते हैं।
  • चरित्र टारटफ़: टारटफ़ का चरित्र इतना प्रभावशाली हो गया है कि फ्रांसीसी भाषा में "टारटफ़" शब्द एक पाखंडी या धोखेबाज धार्मिक व्यक्ति के लिए एक सामान्य शब्द बन गया है।
  • सार्वभौमिक अपील: अपने समय में विशिष्ट धार्मिक और सामाजिक आलोचनाओं के बावजूद, नाटक पाखंड और भोलापन के सार्वभौमिक विषयों से संबंधित है, जिससे यह आज भी प्रासंगिक बना हुआ है।