जबरन वैद्य - मोलियर
सारांश मोलियर का नाटक 'इच्छा के विरुद्ध डॉक्टर' (Le Médecin malgré lui) एक प्रफुल्लित करने वाला तीन-अंकीय कॉमेडी है जो स्गानेरेल नामक एक शर...
सारांश
मोलियर का नाटक 'इच्छा के विरुद्ध डॉक्टर' (Le Médecin malgré lui) एक प्रफुल्लित करने वाला तीन-अंकीय कॉमेडी है जो स्गानेरेल नामक एक शराब पीने वाले और झगड़ालू लकड़हारा की कहानी बताता है। उसकी पत्नी मार्टिन, अपने पति से बदला लेने के लिए, एक अफवाह फैलाती है कि स्गानेरेल एक शानदार डॉक्टर है जो केवल मार खाने के बाद ही अपनी चिकित्सा क्षमता को स्वीकार करता है। संयोग से, यह अफवाह एक अमीर सज्जन गेरोंटे के कान तक पहुँच जाती है, जिसकी बेटी ल्यूसिंडे गूंगी हो गई है। गेरोंटे के नौकर, वालेर और लुकास, मार्टिन के निर्देशों का पालन करते हुए स्गानेरेल को डॉक्टर बनने के लिए मजबूर करते हैं, उसे पीटकर।
स्गानेरेल, इस अचानक मिली डॉक्टर की भूमिका को अपनाते हुए, बेतुकी चिकित्सा सलाह देता है, लैटिन शब्दों और विरोधाभासी सिद्धांतों का इस्तेमाल करता है। वह जल्द ही पता लगाता है कि ल्यूसिंडे की गूंगापन नकली है और वह अपने प्रेमी लिएंड्रे से शादी करने के लिए ऐसा कर रही है, जिसे उसके पिता नामंजूर करते हैं। स्गानेरेल लिएंड्रे को एक सहायक फार्मासिस्ट के रूप में वेश बदलने में मदद करता है, जिससे वह ल्यूसिंडे तक पहुँच सके। अंततः, सच्चाई सामने आती है, गेरोंटे की नाराजगी के बावजूद, वह अपनी बेटी को लिएंड्रे से शादी करने की अनुमति देता है जब उसे पता चलता है कि लिएंड्रे को एक बड़ा विरासत मिली है। नाटक का अंत सुलह और हंसी के साथ होता है, जिसमें स्गानेरेल को उसकी जबरन निभाई गई भूमिका और उसके स्मार्ट समाधान के लिए माफ़ कर दिया जाता है।
किताब के अनुभाग
अनुभाग 1
नाटक की शुरुआत स्गानेरेल और उसकी पत्नी मार्टिन के बीच एक जोरदार बहस से होती है। स्गानेरेल एक लकड़हारा है जो शराब पीकर अपना समय बिताता है और अपनी पत्नी को पीटता है। मार्टिन, उसके व्यवहार से तंग आकर और बदला लेने की इच्छा से, एक चालाक योजना बनाती है।
इस बीच, गेरोंटे नाम का एक अमीर सज्जन चिंतित है क्योंकि उसकी बेटी ल्यूसिंडे अचानक गूंगी हो गई है और कोई भी डॉक्टर उसे ठीक नहीं कर पा रहा है। गेरोंटे के नौकर, वालेर और लुकास, एक योग्य चिकित्सक की तलाश में हैं। वे मार्टिन से मिलते हैं, जो उन्हें बताती है कि उसका पति स्गानेरेल एक असाधारण डॉक्टर है, लेकिन उसकी अजीब आदत है कि वह अपनी चिकित्सा क्षमता को तब तक स्वीकार नहीं करता जब तक उसे बुरी तरह से पीटा न जाए। मार्टिन, अपने पति से बदला लेने के लिए, उनके विश्वास को मजबूत करती है।
वालेर और लुकास, यह सुनकर कि यही एकमात्र तरीका है, स्गानेरेल को ढूंढते हैं और उसे डॉक्टर बनने के लिए मनाने की कोशिश करते हैं। जब वह मना करता है, तो वे उसे जोर-जबरदस्ती से पीटते हैं। स्गानेरेल, मार खाने के बाद, हार मान लेता है और डॉक्टर की भूमिका निभाने का फैसला करता है, यह सोचकर कि यह एक लाभदायक पेशा हो सकता है।
| चरित्र | विशेषताएँ | प्रेरणाएँ |
|---|---|---|
| स्गानेरेल | लकड़हारा, शराबी, झगड़ालू, चालाक, अवसरवादी | पत्नी के प्रति नाराजगी, आलस्य, पैसे कमाने की इच्छा, मार से बचना |
| मार्टिन | स्गानेरेल की पत्नी, चालाक, बदला लेने वाली | पति की मार का बदला लेना, उसे सबक सिखाना |
| गेरोंटे | अमीर सज्जन, चिंतित पिता, अपनी बेटी से प्यार करता है | अपनी बेटी ल्यूसिंडे को ठीक करना |
| ल्यूसिंडे | गेरोंटे की बेटी, बीमार होने का नाटक कर रही है | अपने प्रेमी से शादी करना, अपने पिता को रोकना |
| वालेर | गेरोंटे का नौकर, कर्तव्यनिष्ठ | अपने मालिक की बेटी के लिए डॉक्टर ढूंढना |
| लुकास | गेरोंटे का नौकर, देहाती, मार्टिन का पति | वालेर की मदद करना, अपनी पत्नी जैकलीन से प्यार करता है |
| जैक्वेलिन | लुकास की पत्नी, नर्स, सीधी-सादी | अपनी मालकिन ल्यूसिंडे की देखभाल करना |
| लिएंड्रे | ल्यूसिंडे का प्रेमी, साहसी | ल्यूसिंडे से शादी करना, गेरोंटे की मंजूरी पाना |
अनुभाग 2
वालेर और लुकास, स्गानेरेल को गेरोंटे के घर लाते हैं। स्गानेरेल, एक नकली डॉक्टर के रूप में, तुरंत ही अपने नए पेशे की शक्ति का लाभ उठाना शुरू कर देता है। वह खुद को एक महान चिकित्सक बताता है और अपनी मूर्खतापूर्ण चिकित्सा राय और बेतुके लैटिन शब्दों से सभी को प्रभावित करने की कोशिश करता है।
वह ल्यूसिंडे की जांच करता है। जब वह उसे गूंगी पाता है, तो वह एक लंबा-चौड़ा और पूरी तरह से बेतुका चिकित्सा निदान देता है, जिसमें शरीर रचना विज्ञान और चिकित्सा सिद्धांतों को उलझा दिया जाता है। वह घोषणा करता है कि ल्यूसिंडे की बोलने की शक्ति उसके दिमाग से दिल में चली गई है, और इससे उसकी गूंगापन हुई है। गेरोंटे, और बाकी सभी लोग, स्गानेरेल के इस छद्म-वैज्ञानिक व्याख्या से भ्रमित और प्रभावित हो जाते हैं।
इस बीच, स्गानेरेल एक युवा व्यक्ति, लिएंड्रे से मिलता है, जो ल्यूसिंडे का प्रेमी है। गेरोंटे इस शादी के खिलाफ है। स्गानेरेल, अपनी बुद्धिमत्ता का उपयोग करते हुए, तुरंत स्थिति को समझ जाता है। वह लिएंड्रे को यह जानने में मदद करता है कि ल्यूसिंडे की गूंगापन नकली है और यह उसके पिता को अस्वीकार्य प्रेमी से शादी करने से रोकने के लिए एक चाल है। स्गानेरेल, सहानुभूति से और अपनी योजना को आगे बढ़ाने के लिए, लिएंड्रे को एक फार्मासिस्ट के रूप में वेश बदलने का सुझाव देता है ताकि वह ल्यूसिंडे के कमरे में प्रवेश कर सके और उससे बात कर सके।
अनुभाग 3
लिएंड्रे, एक फार्मासिस्ट के रूप में वेश बदलकर, ल्यूसिंडे के कमरे में प्रवेश करता है। स्गानेरेल, अपनी भूमिका में, गेरोंटे को विश्वास दिलाता है कि यह फार्मासिस्ट ल्यूसिंडे के इलाज का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। जैसे ही वे अकेले होते हैं, ल्यूसिंडे, चमत्कारी रूप से, अपनी आवाज वापस पा लेती है। वह तुरंत लिएंड्रे को बताती है कि वह उससे कितनी प्यार करती है और उससे शादी करना चाहती है, लेकिन उसके पिता इसके खिलाफ हैं।
गेरोंटे और अन्य लोग, ल्यूसिंडे को फिर से बोलते हुए सुनकर आश्चर्यचकित हो जाते हैं। गेरोंटे स्गानेरेल की 'चिकित्सा' के लिए उसे धन्यवाद देता है, लेकिन जब ल्यूसिंडे स्पष्ट रूप से अपने पिता को बताती है कि वह लिएंड्रे से शादी करना चाहती है, तो गेरोंटे गुस्से में आ जाता है। वह जोर देकर कहता है कि वह लिएंड्रे से शादी नहीं करेगी और वह स्गानेरेल से कहता है कि वह ल्यूसिंडे को फिर से गूंगा कर दे। स्गानेरेल जवाब देता है कि वह उसे गूंगा कर सकता है, लेकिन वह उसे फिर से बात करने नहीं दे सकता।
गेरोंटे लिएंड्रे को भगा देता है। स्गानेरेल और लिएंड्रे भागने की तैयारी करते हैं, यह जानते हुए कि गेरोंटे उन्हें पकड़ने और स्गानेरेल को उसके धोखे के लिए दंडित करने की कोशिश करेगा। हालांकि, ठीक उसी समय, एक खबर आती है कि लिएंड्रे के चाचा की मृत्यु हो गई है और उसने लिएंड्रे के लिए एक बड़ी विरासत छोड़ी है। यह सुनकर, गेरोंटे का दिल बदल जाता है। उसे अब लिएंड्रे से अपनी बेटी की शादी कराने में कोई आपत्ति नहीं है क्योंकि वह अब अमीर है।
नाटक का अंत खुशी-खुशी होता है। गेरोंटे खुशी-खुशी ल्यूसिंडे और लिएंड्रे की शादी के लिए सहमत हो जाता है। स्गानेरेल को उसके धोखे के लिए माफ़ कर दिया जाता है, और मार्टिन और स्गानेरेल सुलह कर लेते हैं। स्गानेरेल अपनी पत्नी को माफ करने की बात कहता है, क्योंकि अब वह एक अमीर और सम्मानित डॉक्टर है।
साहित्यिक शैली
'इच्छा के विरुद्ध डॉक्टर' एक कॉमेडी डे मोजर्स (Comédie de mœurs) है, जिसे फ़ार्स (Farce) के तत्वों के साथ प्रस्तुत किया गया है। यह 17वीं शताब्दी की फ्रेंच कॉमेडी की शैली है जो सामाजिक रीति-रिवाजों और मानव स्वभाव की कमजोरियों का मज़ाक उड़ाती है।
लेखक के बारे में
मोलियर (Molière), जिनका असली नाम जीन-बैप्टिस्ट पोकेलिन (Jean-Baptiste Poquelin) था, 17वीं सदी के सबसे महान फ्रांसीसी नाटककार और अभिनेता थे।
- जन्म और मृत्यु: उनका जन्म 15 जनवरी, 1622 को पेरिस में हुआ था और उनकी मृत्यु 17 फरवरी, 1673 को हुई थी।
- पेशा: वे एक अभिनेता, नाटककार और थिएटर मंडली के निदेशक थे।
- प्रमुख कार्य: उनके सबसे प्रसिद्ध कार्यों में 'टार्टफ' (Tartuffe), 'ले मिजांथ्रोप' (The Misanthrope), 'ले बुर्जुआ जेंटिलहोम' (The Bourgeois Gentleman), 'ले मालेड इमेजिनेयर' (The Imaginary Invalid) और 'ले मैडेसिन मालग्रे लुई' (The Doctor in Spite of Himself) शामिल हैं।
- शैली: मोलियर ने अपनी कॉमेडी में अक्सर मानव मूर्खता, पाखंड, घमंड और सामाजिक दिखावे का मज़ाक उड़ाया। उनकी कृतियाँ आज भी प्रासंगिक हैं और उनका मंचन दुनिया भर में किया जाता है।
नैतिक
इस नाटक की मुख्य नैतिक शिक्षा यह है कि दिखावा और छल अक्सर अस्थायी लाभ दे सकते हैं, लेकिन अंततः सच्चाई सामने आती है। यह नाटक यह भी दिखाता है कि लोग, विशेष रूप से सत्ता में बैठे लोग, कितने भोले हो सकते हैं और कितनी आसानी से उन्हें बेतुकी बातों से भी मूर्ख बनाया जा सकता है, खासकर जब वे अपनी इच्छाओं या चिंताओं से अंधे हो जाते हैं। यह पैसे और सामाजिक स्थिति के प्रभाव को भी उजागर करता है, क्योंकि गेरोंटे का लिएंड्रे के प्रति दृष्टिकोण उसकी विरासत की खबर के साथ तुरंत बदल जाता है।
जिज्ञासु तथ्य
- उत्पत्ति: 'इच्छा के विरुद्ध डॉक्टर' का प्रीमियर 6 अगस्त, 1666 को पेरिस में हुआ था।
- शीघ्र लेखन: मोलियर ने यह नाटक केवल कुछ हफ्तों में लिखा था। यह उनकी पिछली फ़ार्स, 'ले वोलांट मेडिसिन' (The Flying Doctor) से प्रेरणा लेता है, जिसे उन्होंने अपने करियर की शुरुआत में लिखा था।
- स्गानेरेल का दोहराव: स्गानेरेल मोलियर के कई नाटकों में एक आवर्ती चरित्र का नाम है, हालांकि हर नाटक में वह एक अलग भूमिका में होता है। यह मोलियर के कुछ पसंदीदा हास्य चरित्रों में से एक था।
- लोकप्रियता: यह नाटक मोलियर के सबसे लोकप्रिय और अक्सर मंचित होने वाले नाटकों में से एक बन गया। इसकी त्वरित गति, सरल प्लॉट और जीवंत पात्र इसे दर्शकों के लिए कालातीत पसंदीदा बनाते हैं।
- सामाजिक टिप्पणी: नाटक 17वीं शताब्दी के चिकित्सा पेशे पर एक व्यंग्य है, जो उस समय के कई डॉक्टरों की अज्ञानता और पाखंड का मज़ाक उड़ाता है। मोलियर स्वयं डॉक्टरों पर व्यंग्य करने के लिए जाने जाते थे।
- लैटिन का प्रयोग: स्गानेरेल का लैटिन के वाक्यांशों का बेतरतीब और गलत उपयोग एक महत्वपूर्ण हास्य तत्व है, जो उस समय के विद्वानों और चिकित्सकों की दिखावटी बातों का मज़ाक उड़ाता है।
